Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»खेल»वैभव सूर्यवंशी की मुश्किल परीक्षा, इंग्लैंड में सीख रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबक
    खेल

    वैभव सूर्यवंशी की मुश्किल परीक्षा, इंग्लैंड में सीख रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबक

    News DeskBy News DeskJuly 10, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    वैभव सूर्यवंशी की मुश्किल परीक्षा, इंग्लैंड में सीख रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबक
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली
    वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं.  इसलिए तीन पारियों के आधार पर उनके भविष्य का फैसला सुनाना जल्दबाजी होगी. क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि प्रतिभा आपको पहचान दिला सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी सफलता तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने की क्षमता से मिलती है. इंग्लैंड में वैभव अभी यही सबक सीख रहे हैं.

    वैभव सूर्यवंशी आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक हैं. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से उन्होंने रातोरात पहचान बनाई और सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद उनसे उम्मीदें कई गुना बढ़ गईं.

    … लेकिन क्रिकेट का सच यह है कि IPL आपको सुर्खियां और स्टारडम दे सकता है, जबकि इंग्लैंड जैसे कठिन दौरे यह तय करते हैं कि आप सिर्फ स्टार हैं या लंबे समय तक टीम इंडिया का भरोसेमंद बल्लेबाज बन सकते हैं.

    दरअसल, क्रिकेट का सबसे बड़ा सच यह है कि IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दो अलग-अलग दुनिया हैं. खासकर तब, जब मुकाबला इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में हो, जहां बल्लेबाज का साहस नहीं, उसकी तकनीक, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता सबसे बड़ी परीक्षा से गुजरती है. वैभव अभी उसी परीक्षा से गुजर रहे हैं.

    इंग्लैंड ने दिखाया कि असली परीक्षा क्या होती है
    भारतीय बल्लेबाजों के लिए इंग्लैंड हमेशा सबसे कठिन दौरों में रहा है. यहां नई गेंद लगातार हरकत करती है, उछाल अलग होती है और छोटी-सी तकनीकी गलती भी विकेट बन जाती है. यही वजह है कि दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज भी यहां संघर्ष करते रहे हैं.

    ऐसे में यह उम्मीद करना कि 15 साल का एक किशोर बल्लेबाज आते ही 35-40 गेंदों में शतक जड़ देगा, क्रिकेट की वास्तविकता से ज्यादा हमारी कल्पना थी.

    महत्वपूर्ण यह भी है कि सिर्फ वैभव ही नहीं जूझ रहे हैं… पूरी भारतीय बल्लेबाजी लय में नहीं दिखी. अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़ दें तो लगभग सभी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसलिए तीन पारियों का पूरा बोझ अकेले वैभव के कंधों पर डालना न तो न्यायसंगत है और न ही व्यावहारिक.

    हर असफलता भविष्य की सबसे बड़ी 'कोच' होती है
    क्रिकेट का इतिहास बताता है कि महान खिलाड़ी शुरुआत से महान नहीं होते.
    सचिन तेंदुलकर की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी. वह अपने पहले दो वनडे मैचों में लगातार शून्य पर आउट हुए थे. लेकिन बाद में वही खिलाड़ी 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाला दुनिया का पहला बल्लेबाज बना. इसलिए वैभव सूर्यवंशी का आकलन भी सिर्फ तीन पारियों से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण सीख बन सकती है.

    किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे अच्छा समय वह होता है, जब उसे जल्दी समझ आ जाए कि उसकी कमजोरियां क्या हैं. जितनी जल्दी आईना सामने आता है, सुधार की प्रक्रिया उतनी जल्दी शुरू होती है.

    तकनीक से ज्यादा सोच बदलने की जरूरत
    वैभव के खेल में सबसे ज्यादा चर्चा शॉर्ट-पिच गेंदों के खिलाफ कमजोरी की हो रही है. IPL के दौरान भी इस पर सवाल उठे थे. श्रीलंका की त्रिकोणीय सीरीज में भी यह कमजोरी दिखाई दी और इंग्लैंड में जोफ्रा आर्चर ने उसी कमजोरी को निशाना बनाया.

    …लेकिन असली मुद्दा सिर्फ तकनीक नहीं है.
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर गेंद पर हमला करना जरूरी नहीं होता. कई बार सबसे अच्छा शॉट गेंद को छोड़ देना होता है. कई बार बाउंसर के नीचे झुक जाना चौका लगाने से ज्यादा समझदारी होती है. चेस्टर-ली-स्ट्रीट में विल जैक्स के खिलाफ क्रीज छोड़कर स्टंप होना भी यही बताता है कि वैभव अभी परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना सीख रहे हैं. यही सीख उन्हें आगे एक बेहतर बल्लेबाज बनाएगी.

    सबसे बड़ा फायदा- अब हाइप कम होगी
    वैभव की इन तीन छोटी पारियों का सबसे सकारात्मक असर शायद स्कोरबोर्ड पर नहीं, बल्कि माहौल पर पड़ेगा.

    पिछले कुछ महीनों में उनके इर्द-गिर्द ऐसा शोर पैदा हो गया था कि टीम इंडिया का हर फैसला उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमता हुआ दिखाई देने लगा. इसी माहौल में संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को बाहर करने के फैसले पर भी लगातार सवाल उठे. बहस शुरू हुई कि क्या टीम मैनेजमेंट ने भविष्य की तैयारी को प्राथमिकता दी या मौजूदा फॉर्म को?

    अब यह दबाव स्वाभाविक रूप से कम होगा. टीम मैनेजमेंट भी अधिक संतुलित फैसले ले सकेगा और वैभव को भी हर पारी में खुद को साबित करने की मजबूरी महसूस नहीं होगी.

    भारतीय क्रिकेट को भी सीखने की जरूरत
    यह कहानी सिर्फ वैभव सूर्यवंशी की नहीं है. यह भारतीय क्रिकेट के उस दौर की कहानी है, जहां सोशल मीडिया किसी खिलाड़ी को कुछ महीनों में 'भविष्य का महानायक' बना देता है और तीन खराब पारियों के बाद उसी पर सवाल भी खड़े कर देता है.

    15 साल के खिलाड़ी को सबसे ज्यादा जरूरत सुर्खियों की नहीं, समय की होती है. उसे तालियों से ज्यादा अभ्यास चाहिए. उसे तुलना से ज्यादा मार्गदर्शन चाहिए.

    News Desk

    Related Posts

    विंबलडन महिला फाइनल में चेक गणराज्य की दो खिलाड़ियों की टक्कर तय

    July 10, 2026

    मोरक्को को हराकर फ्रांस लगातार तीसरी बार फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में, रचा नया इतिहास

    July 10, 2026

    इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर जीती सीरीज, हार के बाद छलका श्रेयस अय्यर का दर्द; नंबर-1 रैंकिंग पर खतरा

    July 10, 2026

    लॉर्ड्स में इतिहास रचने उतरेगी टीम इंडिया, इंग्लैंड के खिलाफ आज से शुरू होगा ऐतिहासिक महिला टेस्ट मुकाबला

    July 10, 2026

    रोहित शर्मा पहुंचे इंग्लैंड, वनडे सीरीज से पहले शुरू की खास तैयारी

    July 9, 2026

    39 साल के जोकोविक ने रचा इतिहास, विंबलडन में रिकॉर्ड आठवां सेमीफाइनल

    July 9, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    खतरों के खिलाड़ी 15 का आगाज, गौरव-रुबीना-ओरी करेंगे खतरनाक स्टंट

    July 10, 2026

    विंबलडन महिला फाइनल में चेक गणराज्य की दो खिलाड़ियों की टक्कर तय

    July 10, 2026

    ‘काला हिरण’ विवाद के बीच मेकर्स का ऐलान, 17 जुलाई को टीजर

    July 10, 2026

    राजपाल यादव को बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में फिर जेल भेजने का आदेश

    July 10, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.