Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»मनोरंजन»‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ रिव्यू: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन कहानी में रह गई कमी
    मनोरंजन

    ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ रिव्यू: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन कहानी में रह गई कमी

    News DeskBy News DeskJune 12, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ रिव्यू: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन कहानी में रह गई कमी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    1991 का आर्थिक संकट भारत के इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में से एक था. इसी अहम अध्याय को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश करती है मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर'. डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर की ये फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी दिखाती है, जिसने देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभाई. दमदार विषय और अच्छे कलाकारों के बावजूद क्या फिल्म दर्शकों को बांधकर रख पाती है? आइए जानते हैं हमारे इस रिव्यू में.

    फिल्म में ए. रामनन (मनोज बाजपेयी) को अचानक राष्ट्रीय बैंक का गवर्नर बनाया जाता है. वो भी तब जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है. दिवालिया घोषित होने की कगार पर है. उनकी नियुक्ति पर सवाल उठते हैं क्योंकि उन्हें अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) का विशेषज्ञ नहीं माना जाता. लेकिन हालात ऐसे हैं कि देश को बचाने के लिए उन्हें बड़े और साहसी फैसले लेने पड़ते हैं. IMF से बातचीत, विदेशी कर्ज और देश के गोल्ड रिजर्व को गिरवी रखने जैसे फैसलों के जरिए कहानी आगे बढ़ती है.

    डायरेक्शन: इरादा बड़ा, असर थोड़ा कम
    डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर ने एक बेहद महत्वपूर्ण विषय चुना है. इंस्पेक्टर जेंडे के बाद ये मनोज बाजपेयी और चिन्मय डी. मांडलेकर की साथ में दूसरी फिल्म है और दोनों की जोड़ी फिर से एक गंभीर विषय लेकर आई है. हालांकि, जहां कहानी में स्वाभाविक रूप से तनाव, राजनीतिक दबाव और सस्पेंस की भरपूर गुंजाइश थी, वहां फिल्म कई बार जरूरत से ज्यादा आसान और इंस्पायर करने वाली बन जाती है.

    देश आर्थिक संकट में है, लेकिन स्क्रीन पर वो बेचैनी और घबराहट पूरी ताकत से महसूस नहीं होती. फिल्म कई बार ऐसे आगे बढ़ती है जैसे कोई मुश्किल पहेली धीरे-धीरे सुलझ रही हो, जबकि असल में हालात कहीं ज्यादा गंभीर थे.

    स्क्रीनप्ले: दिलचस्प विषय, लेकिन कमजोर पकड़
    फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका सब्जेक्ट है. आर्थिक संकट जैसी जटिल घटना को आसान भाषा में समझाने की कोशिश की गई है, जिससे आम दर्शक भी कहानी से जुड़ सके. लेकिन स्क्रीनप्ले कई जगहों पर सतही महसूस होता है. कई अहम राजनीतिक और प्रशासनिक टकरावों को सिर्फ छूकर छोड़ दिया गया है. संकट से जूझ रही पूरी टीम की बजाय कहानी लगभग पूरी तरह गवर्नर और उनके डिप्टी के इर्द-गिर्द घूमती रहती है. यही वजह है कि फिल्म का दायरा बड़ा होने के बावजूद उसका प्रभाव सीमित रह जाता है.

    एक्टिंग: मनोज बाजपेयी फिर भी संभाल लेते हैं मोर्चा
    मनोज बाजपेयी अपने किरदार में पूरी ईमानदारी के साथ नजर आते हैं. दक्षिण भारतीय लहजे और बॉडी लैंग्वेज को पकड़ने की उनकी कोशिश दिखती है, हालांकि ये हर जगह एक जैसी नहीं लगती. फिर भी जब भी फिल्म कमजोर पड़ती है, बाजपेयी अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से उसे संभालने की कोशिश करते हैं.

    डिप्टी गवर्नर के किरदार में नौशाद मोहम्मद कुंजू काफी प्रभाव छोड़ते हैं. उनके और बाजपेयी के बीच के दृश्य फिल्म के मजबूत हिस्सों में गिने जा सकते हैं. मधु शाह को ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं मिला है, लेकिन वो अपने सीमित किरदार में सहज हैं. वहीं पत्रकार के रोल में अदा शर्मा का किरदार कहानी में बहुत खास योगदान नहीं दे पाता और कई बार गैरजरूरी सा महसूस होता है.

    फिल्म के यादगार पल
    फिल्म में कुछ छोटे लेकिन प्रभावशाली सीन हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं. ट्रैफिक सिग्नल पर एक बच्ची से पेन खरीदने वाला सीन हो या फिर ऑफिस के चपरासी की कर्ज मांगने की आदत से जन्म लेने वाला एक बड़ा आइडिया, ये पल कहानी में 'ह्यूमन टच' जोड़ते हैं और फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं.

    फाइनल वर्डिक्ट: देखने लायक लेकिन अधूरी उड़ान
    'गवर्नर' एक महत्वपूर्ण और कम चर्चा वाले ऐतिहासिक अध्याय को सामने लाती है. फिल्म का प्लॉट दमदार है, कलाकारों की मेहनत भी नजर आती है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कम महसूस होने वाला तनाव इसे एक बेहतरीन फिल्म बनने से रोक देता है.

    अगर आपको भारत के आर्थिक इतिहास, राजनीतिक ड्रामा और मनोज बाजपेयी की परफॉर्मेंस पसंद है तो ये फिल्म देखी जा सकती है. लेकिन जिस रोमांच, गहराई और प्रभाव की उम्मीद इसके विषय से की जाती है, वहां 'गवर्नर' थोड़ी पीछे रह जाती है.

    News Desk

    Related Posts

    राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें, ₹16 करोड़ के कर्ज पर बैंक ने संपत्ति नीलामी का नोटिस चिपकाया

    August 6, 2026

    राजपाल यादव पर बढ़ी मुसीबत, 16 करोड़ के कर्ज में संपत्ति नीलामी नोटिस

    August 6, 2026

    गजनी फेम प्रदीप रावत का निधन, बेटे ने बताया आखिरी पलों का दर्द

    August 6, 2026

    मिनी माथुर बनीं ‘द अलायंस’ की पहली विनर, जीती ट्रॉफी और 50 लाख रुपये

    August 6, 2026

    सलमान खान और अलवीरा को कोर्ट का नोटिस, बीइंग ह्यूमन जूलरी केस में घिरे

    August 6, 2026

    इमरान हाशमी की आवारापन 2 का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, लौटे शिवम पंडित

    August 6, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सिम्स में पहली बार 78 वर्षीय महिला के अंडाशय कैंसर की सफल सर्जरी, एक किलो का ट्यूमर निकाल महिला को दिया नया जीवन….

    August 6, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, SASCI 2026-27 के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़….

    August 6, 2026

    राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें, ₹16 करोड़ के कर्ज पर बैंक ने संपत्ति नीलामी का नोटिस चिपकाया

    August 6, 2026

    जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा…..

    August 6, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.