Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»धर्म»कभी इस मंदिर में दी जाती थी नर बलि, रात में दर्शन के लिए आते थे जीव-जंतु, अब मुर्गे-मुर्गियों का प्रांगण में है बसेरा
    धर्म

    कभी इस मंदिर में दी जाती थी नर बलि, रात में दर्शन के लिए आते थे जीव-जंतु, अब मुर्गे-मुर्गियों का प्रांगण में है बसेरा

    By June 5, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कभी इस मंदिर में दी जाती थी नर बलि, रात में दर्शन के लिए आते थे जीव-जंतु, अब मुर्गे-मुर्गियों का प्रांगण में है बसेरा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भारत में जितने भी मंदिर पाए जाते हैं, उनमें से शायद ही किसी मंदिर में मुर्गे मुर्गियों का प्रवेश होता है. ज्योतिषाचार्यों तथा विद्वानों की मानें तो, मुर्गे-मुर्गियों को उनके द्वारा ग्रहण किए जाने वाले आहार की वजह से मंदिरों में प्रवेश हेतु अपवित्र माना गया है. ऐसे में किसी भी मंदिर में उनके प्रवेश पर निषेध रहता है. लेकिन आज हम आपको बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में बसे एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मान्यता बेहद अनोखी तथा रोंगटे खड़े कर देने वाली है.

    सबसे खास बात तो यह है कि चंपारण के घने जंगलों में स्थापित इस मंदिर में बकरे एवं अन्य मवेशियों सहित मुर्गे-मुर्गियों का भी बसेरा होता है. मंदिर में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि वो यहां मन्नत पूरी होने के उपलक्ष्य में बकरे, कबूतर तथा मुर्गे-मुर्गियों को लाते हैं, जिन्हें माता के समक्ष आजाद कर दिया जाता है.

    दी जाती थी नर बलि, प्रांगण में होता था जंगली जीवों का प्रवेश
    वाल्मिकी भ्रमण के टूर ऑपरेटर शुभम की मानें तो, इस मंदिर की स्थापना बुंदेलखंड के राजा जासर के पुत्र आल्हा–ऊदल ने सैकड़ों वर्ष पहले की थी. राजा जासर देवी मां के अनन्य भक्त थें. उन्होंने खुद अपनी बलि माता के चरणों में दी थी. देहावसान के पश्चात उनके दोनों बेटों आल्हा एवं ऊदल ने पिता की इच्छा पूर्ति के लिए मंदिर की स्थापना कराई. इतना ही नहीं, बिहार सरकार की तरफ से जारी पुस्तिका स्मारिका में यह स्पष्ट रूप से वर्णित किया गया है कि मंदिर में बाघ और अन्य जंगली जीवों का बसेरा था. हालांकि आज भी यहां मंदिर के आसपास बाघ तथा तेंदुआ जैसे खूंखार जीव देखे जाते हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि आज तक किसी भी श्रद्धालु के हताहत होने की ख़बर नहीं आई है.

    बकरे तथा कबूतरों सहित मंदिर में है मुर्गे मुर्गियों का भी बसेरा
    इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां कभी नर बलि दी जाती थी. लेकिन वर्तमान में यहां बलि प्रथा को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. आज यहां जितने भी पशु बलि के लिए लाए जाते हैं, उन्हें देवी मां के समक्ष आज़ाद कर दिया जाता है. आश्चर्य की बात यह है कि इनमें मुर्गे मुर्गियों जैसे जीव भी शामिल हैं, जिन्हें अन्य सभी मंदिरों में अपवित्र मान प्रवेश हेतु प्रतिबंधित किया गया है.खास बात यह है कि ये जीव मंदिर का प्रांगण छोड़ कभी बाहर नहीं जाते हैं. ऐसे में प्रांगण में बकरों, कबूतरों तथा मुर्गों का भरमार सा लगा रहता है.

    पर्यटकों ने कहा…आजतक नहीं नहीं देखा ऐसा मंदिर
    वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में टूर पर आए बिहार के मधेपुरा जिले के निवासी मनीष ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन काल में अनगिनत मंदिरों के दर्शन किए हैं, लेकिन वाल्मीकीनगर के घने जंगल में बसे मां नर देवी जैसा मंदिर कहीं और नहीं देखा है.खास कर मंदिर प्रांगण में मुर्गों का निर्विरोध प्रवेश अपने आप में बेहद अनोखा है. वाल्मीकीनगर के स्थानीय निवासी दिवाकर पांडे ने भी कुछ ऐसा ही बताया.उनका कहना है कि श्रद्धालु यहां पशुओं को लाते हैं तथा माता के समक्ष आजाद कर देते हैं. इनमें कबूतर बकरे तथा मुर्गे शामिल हैं.

    Related Posts

    राशिफल 24 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा

    April 24, 2026

    पंचांग : आज की तिथि में छिपा है अच्छी सेहत का राज! जानें चिकित्सा कार्यों के लिए क्यों है यह सबसे उत्तम दिन

    February 2, 2026

    राशिफल: आज की एक छोटी सी शांति दिलाएगी बड़ी सफलता! जानें सोमवार को आपके भाग्य के सितारे क्या इशारा कर रहे हैं

    February 2, 2026

    पहाड़ों में बर्मा के बिना अधूरा माना जाता है शुभ कार्य, जानें 108 तिनकों से बने देवताओं के इस पवित्र आसन का रहस्य

    February 2, 2026

    जागरण से जागेगा सौभाग्य, भोलेनाथ देंगे मनचाहा वरदान, जानें महाशिवरात्रि की 4 प्रहर पूजा का विशेष फल

    February 2, 2026

    गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता

    February 2, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ : डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: ‘वसुंधरा’ परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर….

    September 20, 2026

    लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना…..

    September 20, 2026

    वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

    September 20, 2026

    सेवा सेतु से साकार हो रहा सुशासन का संकल्प, एक ही मंच पर 900 से अधिक शासकीय सेवाएं, घर और गांव के नजदीक मिल रही सुविधाएं….

    September 19, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Editor - Rahul
    Mobile -
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.