Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»मनोरंजन»‘बचपन से मुझे लड़कियों वाले शौक थे…’ ट्रांस एक्टर और मॉडल एला वर्मा ने बयां किया अपना दर्द
    मनोरंजन

    ‘बचपन से मुझे लड़कियों वाले शौक थे…’ ट्रांस एक्टर और मॉडल एला वर्मा ने बयां किया अपना दर्द

    News DeskBy News DeskAugust 30, 2026No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ‘बचपन से मुझे लड़कियों वाले शौक थे…’ ट्रांस एक्टर और मॉडल एला वर्मा ने बयां किया अपना दर्द
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    मुंबई 

    एला डी'वर्मा, एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर, मॉडल और डिजिटल पर्सनैलिटी हैं, जो अपनी जेंडर ट्रांजिशन जर्नी और बेबाक विचारों के लिए जानी जाती हैं। एला ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि जेंडर ट्रांजिशन के बाद उन्हें आजादी तो मिली, लेकिन उनको वो खुशी नहीं मिली जिसकी उनको उम्मीद थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अपने सपने पूरे करने के बाद भी उनके पुराने दर्द और जख्म फिर से सामने आ गए। इसके अलावा उन्होंने अपने परिवार के साथ की तारीफ करते हुए इस बात को भी माना कि सोसाइटी की स्वीकृति पाने से भी ज्यादा कठिन उनके लिए खुद को पूरी तरह स्वीकार करना सबसे मुश्किल रहा।

    लिंग परिवर्तन सिर्फ पहचान बदलने तक सीमित नहीं था
    इसके आगे एला डी' वर्मा ने FPJ से बात करते हुए बताया कि उनके लिए अपनी असली पहचान तक पहुंचने का सफर सिर्फ नाम या पहचान बदलने तक सीमित नहीं था। यह उनके लिए खुद को समझने का एक बहुत ही निजी और कई बार दर्दभरा अनुभव रहा। देव वर्मा के रूप में जन्मीं एला के लिए यह बदलाव उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ था। लड़के से लड़की बनने के इस सफर ने उन्हें एक तरफ आज़ादी दी, लेकिन साथ ही कुछ अनदेखा भावनात्मक बोझ भी दे दिया। जहां कई लोग जेंडर चेंज कराने को आखिरी पड़ाव मानते हैं, वहीं एला की कहानी इस धारणा को चुनौती देती है। उन्होंने बताया कि हिम्मत और बदलाव के पीछे एक शांत लेकिन जटिल सच्चाई छिपी होती है, एक ऐसी सच्चाई, जहां हर बार बदलाव के साथ मन का घाव भरना आसान नहीं होता।

    सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर-एक्ट्रेस एला डी वर्मा का जन्म एक लड़के के रूप में हुआ था. दुनिया पहले उन्हें देव के नाम से जानती थी. लेकिन बचपन से उनके अंदर लड़की वाला एहसास था। परिवार-समाज से लड़ कर देव ने अपनी पहचान सबके सामने रखी. वो जेंडर चेंज सर्जरी के जरिए देव से एला डी वर्मा बन चुके हैं. सिद्धार्थ कनन संग बातचीत में उन्होंने ट्रांसजेंडर लाइफ की कड़वी सच्चाई बताई है। एला ने कहा कि नॉर्मल लड़की की तरह मेरी बॉडी में भी बदलाव आते हैं. मेरी आवाज, मेरा वजन सब बदल चुका है. लेकिन उससे मेरी वर्थ कम या ज्यादा कैसे हो जाएगी। 
    वो कहती हैं कि जब मैं इंटरनेट पर आती हूं, तो सबको एंटरटेन करने आती हूं. हंसा तो मैं दाढ़ी में भी सकती हूं, लेकिन मुझे पसंद नहीं है. उन्होंने कहा कि ये मेरी किस्मत है कि मुझे रेड लाइट पर खड़े होकर भीख नहीं मांगनी पड़ रही है। उनसे पूछा गया कि क्या आप हिजड़ा और किन्नर कम्यूनिटी से अलग फील करती हैं. उन्होंने कहा कि मैं उनसे अलग फील नहीं करती हूं। 
     
    उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने पेरेंट्स से जेंडर की सच्चाई बताई, तो उन्हें लगा कि जो हिजड़े होते हैं वो इस देश में या तो भीख मांगते हैं या सेक्स वर्क करते हैं. मतलब मेरे बच्चे की भी जिंदगी खत्म।  'जब मैंने अपने माता-पिता को सच बताया, तो एली ने कहा कि मेरे पेरेंट्स डरे हुए थे. उन्हें पता नहीं था.' एली ने कहा कि हालांकि, बाद में उनके पेरेंट्स ने उन्हें समझा और वो करने की आजादी दी, जो वो करना चाहती थीं। 

    मैं लड़कियों की तरह रहती थी
    एक समय मुझे लगा कि लड़कों की तरह ऐसे उठते-बैठते हैं और लड़कियां ऐसे रहती हैं। फिर मुझे लगा कि मैं तो लड़कियों वाली साइड में कम्फर्टेबल हूं। उधर से कन्फ्यूजन चली। बाहर वाले लोगों से प्रेशर आ रहा था। प्यूबर्टी की उम्र के समय जब आपमें शारीरिक चेंजेज और डिवेलपमेंट होती है उसमें मेरे फेसिएल हेयर (चेहर के बाल) आए क्योंकि मेरा शरीर मेल यानी पुरुष का था और जब ऐसे तरीके से डिवेलप हुई तो मुझे ऑथेंटिक फील नहीं हुआ। तब मुझे समझ में आ गया कि ओह! बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। अभी तक था कि रास्ते में लड़के मजाक उड़ा रहे हैं। घरवालों की पसंद नहीं है। अब ऐसा हो गया था कि मेरी बॉडी ही मेरे खिलाफ काम कर रही है। वहां मैंने पैरेंट्स को बताया… उस समय मेरे पास दूसरे विकल्प ये थे कि मैं बर्दाश्त करती रहूं ऐसे ही जीवन बिताऊं या अपनी जान दे दूं। शुरू में उन्हें भी समझ नहीं आया और न मैं खुलकर बता पाई। मम्मी को थोड़ी-बहुत बात समझ आई और उन्हें लगा कि शायद मैं गे (Gay) हूं। उन्हें लगा कि ठीक कर देंगे। उनको लगा कि बीमारी है, गलत बात है। वे डरे भी हुए थे क्योंकि इन सारी चीजों की बातें नहीं होती हैं। मम्मी-पापा ने पहले बहलाना-फुसलाना शुरू किया। फिर उन्होंने कंप्रोमाइज करने की कोशिश की मेरे साथ… तुमको जो करना है करो, अपने कमरे में करो बाहर मत करो। मतलब डबल लाइफ जियो। जैसे घर में लड़की की तरह रहो और बाहर जाकर लड़के की तरह।
    उस दिन टॉयलेट में…
    मैं स्कूल में लड़कों के साथ घुल-मिल नहीं पाती थी। मुझे लड़कियों के साथ रहना पसंद था। क्रिकेट नहीं स्केचिंग पसंद थी। एक समय के बाद कहा जाने लगा कि तुम ये हो क्या, तुम ऐसे क्यों करती हो क्योंकि उस एज में मूवी में देखकर बच्चे भी थोड़ा-बहुत समझने लगते हैं। 'छक्का', 'हिजड़ा' जैसे नाम से बुलाने लगे। देखिए एक ट्रांसजेंडर इंसान के लिए ना, उसकी बॉडी बहुत बड़ी इनसिक्योरिटी होती है। मैं हर चीज को लेकर इनसिक्योर थी। एक बार हमारे स्कूल के एनुअल फंक्शन की तैयारी चल रही थी हम क्लास से थिएटर रूम में जाते थे। लड़कों में यह बहुत कॉमन होता है कि वे पैंट खींच देते हैं लेकिन मेरे लिए वह बहुत ट्रॉमेटिक हो गया। आप सोचो कि मेरा सबसे ज्यादा इनसिक्योर शरीर का हिस्सा सबके सामने आ गया सोचिए कितना अपमानजनक रहा होगा। वो सबसे बुरा अनुभव था। मैं टॉयलट रूम में जाती थी। किसी ने लॉक तोड़ दिया था तो मैं आइडेंटिटी कार्ड निकालकर उससे दरवाजा बांध देती थी। मेरी लाइफ का सबसे बुरा अनुभव मेन्स वॉशरूम था।

    परिवार से मिली ताकत और मजबूती
    इस इंटरव्यू में एला ने अपने परिवार से मिली ताकत, पुराने आघातों से जूझने और खुद को सच में स्वीकार करने की शुरुआत पर भी खुलकर बात की। एला ने बताया कि कैसे उनका परिवार उनके लिए सहारा बना। उन्होंने कहा, मुझे सबसे ज्यादा ताकत और मजबूती मेरे परिवार से मिली। मेरा परिवार बहुत ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और न ही मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ही बहुत मजबूत थी, लेकिन हमारे रिश्तों की नींव प्यार पर टिकी है।' इसके साथ ही उन्होंने बताया, 'मेरे पेरेंट्स मुझे हर हाल में प्यार करते हैं। शुरुआत में वो मेरी बात से सहमत नहीं थे, लेकिन जैसे ही उन्हें समझ आया कि यह उनके बच्चे यानी मेरे लिए सही है, उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया।' एला के मुताबिक, उस वक्त उनके माता-पिता उनके लिए दुनिया से भी लड़ने को तैयार हो गए, और उन्होंने ऐसा करके भी दिखाया।

    जेंडर ट्रांजिशन के बाद भी नहीं मिली संतुष्टि 
    इसके आगे उन्होंने कहा कि लंबे समय से वो जिस लक्ष्य के लिए मेहनत कर रही थी, उसे हासिल करने के बावजूद, उनको ख़ुशी नहीं मिली। एला ने बताया कि इस भावनात्मक उथल-पुथल ने उन्हें चौंका दिया था, “लेकिन असल में सबसे अजीब बात ये थी कि जब मुझे वह सब कुछ मिल गया जो मैं चाहती थी, जब पहचान पत्र बदल गए, नाम बदल गया, सब कुछ तैयार था, तब भी मुझे वो संतुष्टि नहीं मिली जिसकी मुझे तलाश थी।' इसके आगे उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस सफर में मेरे साथ जो दर्दनाक घटनाएं घटीं, उन्हें समझने का मुझे समय ही नहीं मिला। मुझे पहचान पत्र बदलवाने थे। मुझे हार्मोन लेने थे और इलाज शुरू करवाना था। और उस दौरान आप एक तरह से सब कुछ भूल जाते हैं, लेकिन आपको वो बुक याद रह जाती है जिसमें लिखा होता है कि आपका शरीर सब कुछ गिनता रहता है? तो यह कितना अजीब है कि मैंने जेंडर ट्रांजिशन किया और फिर जब मैं घर से बाहर निकलती तो लोग मुझे घूरते और मुझे ऐसा लगता जैसे मैं स्कूल के गलियारे में हूं और लोग मुझे घूर रहे हैं और मुझ पर हंस रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं था। यह एक ट्रॉमा था। यह एक तरह की सोच थी।” .

    News Desk

    Related Posts

    2 मिनट के अपीयरेंस के बाद रिया अहीर का सफर खत्म, वाइल्ड कार्ड एंट्री की चर्चा तेज

    September 7, 2026

    21 साल की अनूप्रिया ने नौकरी की पूरी कमाई लगा दी फिल्म में, अब ‘हनुमान अंश’ का आएगा सीक्वल

    September 7, 2026

    क्राइम पेट्रोल में अजय देवगन की एंट्री फीकी, अनूप सोनी की याद दिला रही होस्टिंग

    September 7, 2026

    मलाइका अरोड़ा-अर्जुन कपूर का क्यों हुआ ब्रेकअप? शादी बनी थी रिश्ते में दरार की वजह, जानें क्या बोले विक्की लालवानी

    September 6, 2026

    ‘हनुमान अंश’ के गायक सुनील लोधी से मिले CM मोहन यादव, आंखों के इलाज का कराया ऐलान

    September 6, 2026

    2 करोड़ की फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 31वें दिन 100 करोड़ के पार पहुंची कमाई

    September 6, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    मसूरी में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, अपर माल रोड की चार दुकानें ध्वस्त

    September 7, 2026

    भाजपा का ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प’ धरना, गांधी पार्क में जुटे मंत्री और कार्यकर्ता

    September 7, 2026

    20 साल बाद भारत का कमाल, बांग्लादेश को 3-0 से हराकर AFC U-20 एशियन कप में बनाई जगह

    September 7, 2026

    चेपॉक में वैभव सूर्यवंशी का जलवा, 12 हजार फैन्स ने लगाए नारे; ऑटोग्राफ देकर जीता दिल

    September 7, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.