Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»पत्नी साथ कमरे में नहीं रहती तो पति पहुंचा हाईकोर्ट, जज ने सुनाया बड़ा फैसला
    देश

    पत्नी साथ कमरे में नहीं रहती तो पति पहुंचा हाईकोर्ट, जज ने सुनाया बड़ा फैसला

    News DeskBy News DeskAugust 28, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    पत्नी साथ कमरे में नहीं रहती तो पति पहुंचा हाईकोर्ट, जज ने सुनाया बड़ा फैसला
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    बेंगलुरु
    कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि एक ही मकान में केवल अलग-अलग कमरों में रहना अपने आप में वैवाहिक क्रूरता नहीं माना जा सकता है। अदालत ने यह बात एक पति द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कही है। फैमिली कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर शादी को भंग कर दिया था और पति को अपनी पत्नी को हर महीने भरण-पोषण के लिए 25000 रुपये देने का निर्देश दिया था। आपको बता दें कि दोनों की शादी 11 नवंबर 2001 को हुई थी और उनके दो बच्चे हैं।

    जस्टिस डीके सिंह और जस्टिस एच. शांति भूषण की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा, "पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में रहते हैं। केवल इसी तर्फ परिस्थिति के आधार पर क्रूरता के निष्कर्ष को सही नहीं ठहराया जा सकता है।"

    पति-पत्नी के आरोप-प्रत्यारोप
    पत्नी ने आरोप लगाया कि पति ने उसके साथ शारीरिक, मौखिक और भावनात्मक क्रूरता की। साथ ही यह भा कहा कि बच्चों की उपेक्षा की और उसका व्यवहार मालिकाना हक जताने वाला था। हालांकि दोनों कुछ समय तक एक ही इमारत में रहे, लेकिन वे अलग कमरों में रहते थे और व्यावहारिक रूप से अलग-अलग जीवन जी रहे थे। अंततः पत्नी बच्चों के साथ ससुराल छोड़कर चली गई। पति ने सभी आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि पत्नी अपने मायके वालों के बहकावे में थी और रिश्तों में खटास के लिए वह खुद जिम्मेदार थी।

    कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कानून और वैवाहिक संबंधों के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण बात कही है। अदालत ने कहा कि अलग कमरों में रहने की घटना को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता है। बार-बार के झगड़े, मौखिक गाली-गलौज, भावनात्मक उपेक्षा, खराब व्यवहार और सुलह की असफल कोशिशों के समग्र प्रभाव ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत मानसिक क्रूरता को सिद्ध किया है। कोर्ट ने कहा, "किसी जीवनसाथी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अनिश्चित काल तक ऐसे आचरण को सहन करे जो निरंतर मानसिक पीड़ा का कारण बनता हो और वैवाहिक सुरक्षा के बुनियादी तत्वों को नष्ट करता हो।"

    हाईकोर्ट ने पति की इस तर्क को भी खारिज कर दिया गया कि पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई आईपीसी की धारा 498-ए की शिकायत को पत्नी द्वारा की गई क्रूरता माना जाए। पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल आपराधिक शिकायत दर्ज कराना या उसमें बरी हो जाना शिकायत के झूठे या दुर्भावनापूर्ण होने का प्रमाण नहीं है। आपको बता दें कि उस केस में पति बरी हो गया था।

    फैमिली कोर्ट द्वारा तय किए गए 25000 रुपये प्रति माह के स्थायी भरण-पोषण को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी का रोजगार में होना या उसकी अपनी आय होना उसे पति से स्थायी भरण-पोषण प्राप्त करने से वंचित नहीं करता है।

    News Desk

    Related Posts

    तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

    August 28, 2026

    भारत ने पलटी बाजी! इस देश का सबसे बड़ा पेट्रोलियम सप्लायर बना, UAE-सऊदी अरब छूटे पीछे

    August 28, 2026

    मेरिका को मिलेगा सबक? भारत-चीन मिलकर करेंगे बड़ा खेल, नई निवेश डील की तैयारी

    August 28, 2026

    1 सितंबर से बदलेंगे 5 बड़े नियम! बैंकिंग, गैस, टैक्स और UPI पर पड़ेगा सीधा असर

    August 28, 2026

    MOTN Survey: Gen-Z के लिए नौकरी सबसे बड़ा मुद्दा, 53 फीसदी युवाओं ने बताई पहली प्राथमिकता

    August 27, 2026

    ओलंपिक के आधे खेलों में भारत की चुनौती नहीं, पीएम मोदी बोले- ऐसे कैसे बढ़ेंगे पदक?

    August 27, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

    August 28, 2026

    6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

    August 28, 2026

    अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल

    August 28, 2026

    52 साल बाद वर्ल्ड कप के टॉप-5 में भारत, जानें महिला हॉकी में क्या बदल रहा है?

    August 28, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.