Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»थलपति विजय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, करूर पीड़ितों को सरकारी नौकरी का फैसला बरकरार
    देश

    थलपति विजय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, करूर पीड़ितों को सरकारी नौकरी का फैसला बरकरार

    News DeskBy News DeskAugust 14, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    थलपति विजय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, करूर पीड़ितों को सरकारी नौकरी का फैसला बरकरार
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    चेन्नई 

    सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडू के मुख्यमंत्री विजय थलापति को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें तमिलनाडु सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया गया था जिसमें करुर भगदड़ में मारे गए 41 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान था. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने तमिलनाडु सरकार और अन्य की याचिका पर नोटिस जारी किया है. साथ ही हाईकोर्ट के आदेश को अंतरिम रूप से स्थगित कर दिया है। 

    सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने हाईकोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई. उन्होंने विजय सरकार के फैसले को चुनौती देने के आधार पर सवाल उठाया। 

    सिंघवी ने कहा, ‘अगर राज्य सरकार चाहती है कि भगदड़ पीड़ित लोगों के परिवारीजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए, तो हाईकोर्ट को इसमें क्या आपत्ति हो सकती है?’

    उन्होंने दलील दी कि नौकरी से जुड़े मुद्दे पर जनहित याचिका (PIL) नहीं चलाई जा सकती। 
    वहीं बेंच ने भी सवाल किया कि राज्य सरकार को इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों को नौकरी देने से क्यों रोका जाना चाहिए? क्या ऐसी कोई वजह है?

    जस्टिस पारदीवाला ने कहा, “भगदड़ हुई, लोग मारे गए. अगर सरकार ने फैसला किया है कि उन्हें कुछ राहत दी जाए और पैसे से मुआवजा दिया जाए, तो आप कैसे कह सकते हैं कि नौकरी नहीं दी जानी चाहिए? मान लीजिए त्रासदी में परिवार का अकेला सदस्य मर गया, तो क्या सरकार को उसके बेटे या बेटी को नौकरी नहीं देनी चाहिए?”

    हाईकोर्ट के द्वारा किए गए फैसले को वकील ने राजनीतिक हितों का टकराव बताया. वहीं राज्य की याचिका का विरोध कर रहे एक वकील ने दलील दी कि तमिलनाडु सरकार इस तरह सरकारी नौकरियां बांटने का विवेकाधिकार नहीं ले सकती। 

    उन्होंने दावा किया कि जिस राजनीतिक दल पर भगदड़ की जिम्मेदारी बताई जा रही है, वही दल अभी राज्य की सत्ता में है. इसलिए सरकार के फैसले में हितों का टकराव हो सकता है। 

    जब बेंच ने वकील से पूछा कि वह किस पार्टी की ओर से पेश हो रहे हैं, तो वकील ने बताया कि वह एक राजनीतिक दल की ओर से यहां सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। 

    तब जस्टिस चंद्रन ने कहा, “यहां राजनीति मत लाइए.”

    मद्रास हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
    सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के 27 जुलाई के फैसले के बाद आया है. हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उस सरकारी आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें करुर स्टांपीड के पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान था। 

    हाईकोर्ट ने कहा था कि ये नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के खिलाफ हैं. जस्टिस सीवी कार्तिकेयन और जस्टिस आर शक्तिवेल की डिवीजन बेंच ने यह भी बताया कि सरकारी विभागों में कई लोग पहले से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। 

    बेंच ने कहा था कि करुर पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देते समय उन लोगों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है जो पहले से इंतजार कर रहे हैं। 

    करुर भगदड़ मामला क्या है और कितने लोगों की हुई थी मौत
    जानकारी के मुताबिक करूर में भगदड़ 27 सितंबर 2025 को सीएम विजय थलापति की पार्टी टीवीके की रैली के दौरान हुई थी. इसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी. इस त्रासदी के बाद जवाबदेही और भीड़ प्रबंधन की कमियों को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था और विपक्ष सहित लोगों ने इसके लिए विजय थलापति को भी जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था. हालांकि यह भगदड़ हाल के वर्षों में तमिलनाडु में किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हुई सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में से एक थी। 

    News Desk

    Related Posts

    पैकेज्ड फूड में नमक-चीनी की मात्रा बतानी होगी साफ-साफ! SC ने FSSAI को लगाई फटकार

    August 14, 2026

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान आएंगे भारत, सितंबर में BRICS समिट में होंगे शामिल

    August 14, 2026

    8th Pay Commission: ₹25 लाख नहीं, ₹75 लाख तक हो सकती है ग्रेच्युटी! कर्मचारियों ने रखी बड़ी मांग

    August 14, 2026

    Samay Raina को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 5 कॉमेडियन्स के खिलाफ FIR रद्द; SC ने कहा- ‘बहुत होनहार युवा’

    August 14, 2026

    Operation Sindoor पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- ‘भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’

    August 14, 2026

    NALSAR छात्रों के समर्थन में CJI सूर्यकांत, बोले- ‘मैं भी स्टूडेंट रहा हूं, छात्रों को विरोध का पूरा अधिकार’

    August 14, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    रक्षाबंधन पर उत्तराखंड की बहनों को मिलेगा बड़ा तोहफा, सरकारी बसों में दो दिन कर सकेंगी निःशुल्क यात्रा।

    August 14, 2026

    पैकेज्ड फूड में नमक-चीनी की मात्रा बतानी होगी साफ-साफ! SC ने FSSAI को लगाई फटकार

    August 14, 2026

    थलपति विजय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, करूर पीड़ितों को सरकारी नौकरी का फैसला बरकरार

    August 14, 2026

    हरिद्वार पहुंचे सीएम धामी, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

    August 14, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.