Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»250 साल में 120 किमी बदली कोसी की धारा, जानें क्यों कहलाती है बिहार का शोक
    देश

    250 साल में 120 किमी बदली कोसी की धारा, जानें क्यों कहलाती है बिहार का शोक

    News DeskBy News DeskAugust 10, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    250 साल में 120 किमी बदली कोसी की धारा, जानें क्यों कहलाती है बिहार का शोक
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली
     भारत की प्रमुख नदियों में से एक है कोसी। यह चीन, नेपाल और भारत से होकर बहने वाली अंतरराष्ट्रीय नदी है। यह भारत में गंगा की प्रमुख सहायक नदी है। कोसी नदी तीन धाराओं सुन कोसी, अरुण कोसी और तमुर कोसी के मिलने से बनती है। ये तीनों धाराएं नेपाल और तिब्बत के हिमालयी इलाके से निकलती हैं। भारत-नेपाल सीमा से लगभग 48 किलोमीटर उत्तर में कोसी में कई बड़ी सहायक नदियां मिलती हैं और यह शिवालिक पहाड़ियों में संकरी 'छतरा गॉर्ज' (घाटी) से होते हुए दक्षिण की ओर बढ़ती है। इसके बाद यह नदी उत्तरी भारत के विशाल मैदान में बिहार में प्रवेश करती है और गंगा नदी की ओर बढ़ती है। लगभग 724 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यह पूर्णिया के दक्षिण में गंगा नदी में मिल जाती है।

    कोसी: महाभारत काल में था 'कौशिकी' नाम
    महाभारत और कई महाकाव्यों में कोसी का प्राचीन नाम 'कौशिकी' था। यह नदी मिथिला क्षेत्र की जीवनरेखा भी है। मिथिला क्षेत्र आज बिहार के आधे से अधिक हिस्से और उससे सटे नेपाल के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है और यह नदी इस क्षेत्र की लोक-कथाओं और किंवदंतियों का आधार भी है।

    कोसी: इस नदी को कहा जाता है बिहार का शोक
        कोसी को अक्सर 'बिहार का शोक' कहते हैं, क्योंकि इससे भीषण बाढ़ आती है। खासकर बिहार में। कोसी नदी 74,500 वर्ग किलोमीटर के इलाके से होकर बहती है, जिसमें से महज 11,070 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा भारत में आता है।
        भारी मात्रा में मलबे के बहाव के कारण अपने अनियमित प्रवाह के लिए जानी जाने वाली कोसी नदी का उत्तरी भारत के विशाल मैदानों में कोई स्थायी मार्ग नहीं है।
        कोसी नदी ने नेपाल से बिहार की ओर बहते हुए बाढ़ और बार-बार अपना रास्ता बदलने के कारण अतीत में भारी तबाही मचाई है।

    250 साल में कोसी ने अपना रास्ता बदला
        पिछले 250 सालों में कोसी ने अपना रास्ता पूरब से पश्चिम की ओर 100 किलोमीटर से ज्याद बदला है। नदी के इस अस्थिर स्वभाव की वजह मानसून के मौसम में इसके साथ बहकर आने वाली भारी गाद है।
        कोसी बेसिन की रेतीली मिट्टी में बड़े पैमाने पर मक्का उगाया जाता है। इसकी सात मुख्य सहायक नदियां हैं-सुन कोसी, तामा कोसी या ताम्बा कोसी, दूध कोसी, इंद्रावती, लिखु, अरुण और तामोर या तामार।

    कोसी ने ऐसे बदला अपना रास्ता
        भारत के उत्तरी हिस्से (उत्तर-पूर्वी बिहार) में स्थित कोसी नदी का 'फैन' (जलोढ़ शंकु) दुनिया में किसी भी नदी द्वारा बनाए गए सबसे बड़े जलोढ़ शंकुओं में से एक है। यह 180 किलोमीटर लंबा और 150 किलोमीटर चौड़ा है।
        इससे पता चलता है कि पिछले 250 वर्षों में 12 से अधिक अलग-अलग धाराओं के माध्यम से नदी का रास्ता 120 किलोमीटर से अधिक बदला है। कोसी नदी, जो 18वीं सदी में पूर्णिया के पास बहती थी, अब सहरसा के पश्चिम में यह बहती है।

    News Desk

    Related Posts

    एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    September 12, 2026

    एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    September 12, 2026

    डोडा में बड़े ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों की आतंकियों को चेतावनी, बोले- ‘भाग सकते हो, छिप नहीं सकते’

    September 12, 2026

    BRICS Summit 2026: आज दुनिया देखेगी भारत का दम, पुतिन-जिनपिंग समेत कई दिग्गज एक मंच पर

    September 12, 2026

    8th Pay Commission: 3.8 फिटमेंट फैक्टर और 6% इंक्रीमेंट से कितनी बढ़ेगी पेंशन? समझें पूरा कैलकुलेशन

    September 12, 2026

    प्राइवेट स्कूल शिक्षकों के लिए समान वेतन-पेंशन की मांग, SC ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

    September 12, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    September 12, 2026

    एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    September 12, 2026

    अफगानिस्तान सीरीज से पहले टॉप-3 पर बहस, रहाणे ने वैभव को दी सलाह

    September 12, 2026

    Yash की Toxic का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल, 500 करोड़ के बजट वाली फिल्म पर 300 करोड़ नुकसान का दावा

    September 12, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.