Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»विदेश»डेनमार्क में मस्जिदों की अजान पर लगा कानूनी प्रतिबंध, सरकार ने बताई बड़ी वजह
    विदेश

    डेनमार्क में मस्जिदों की अजान पर लगा कानूनी प्रतिबंध, सरकार ने बताई बड़ी वजह

    News DeskBy News DeskJune 26, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    डेनमार्क में मस्जिदों की अजान पर लगा कानूनी प्रतिबंध, सरकार ने बताई बड़ी वजह
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    कोपेनहेगन

    डेनमार्क की वामपंथी सरकार ने लाउडस्पीकर पर अजान देने पर रोक लगाने की बात कही है। सरकार में मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा कि देश कुछ इलाके 'इस्लामाबाद के उपनगर' जैसे लगते हैं। ऐसे में हम अजान को कानूनी तौर पर बैन करने पर विचार कर रहे हैं। डेनमार्क सरकार ने नमाज से पहले अजान पर रोक लगाने के पीछे इस्लाम के प्रभाव के बढ़ने (इस्लामीकरण) की चिंता बताई जा रही है। सत्ताधारी सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी की मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रोकने की यह तीसरी कोशिश है।

    द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के सदस्य और सरकार में आव्रजन मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने अपने एक बयान में कहा है कि नई सरकार अजान पर रोक लगाने के कानूनी पहलुओं की फिर से जांच शुरू करेगी। उन्होंने इसके लिए प्लान तैयार कर लेने का दावा किया है। बोडस्कोव के नेतृत्व में डेनमार्क की आव्रजन और एकीकरण नीतियों को भी सख्त बनाया जा रहा है।

    यूरोप में बढ़ते प्रवासन और इस्लामीकरण को लेकर जारी बहस के बीच अब डेनमार्क ने भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. देश की सरकार मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर दी जाने वाली अजान पर कानूनी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार कर रही है. डेनमार्क के इमीग्रेशन मामलों के मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा कि अजान की आवाज डेनमार्क की पहचान का हिस्सा नहीं है और लोग यह महसूस न करें कि वे किसी यूरोपीय शहर की बजाय इस्लामाबाद के किसी शहर में पहुंच गए हैं। 

    बोडस्कोव ने डेनिश समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, "डेनमार्क की छतों के ऊपर अजान की आवाज नहीं सुनाई देनी चाहिए." उनका कहना है कि सरकार इस बात की कानूनी समीक्षा कर रही है कि क्या ऐसा प्रतिबंध देश के संविधान के दायरे में लगाया जा सकता है। 

    हालांकि, फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. डेनमार्क का संविधान सार्वजनिक रूप से धार्म के पालन की स्वतंत्रता देता है, इसलिए सरकार को यह भी देखना होगा कि ऐसा कानून संवैधानिक रूप से कितना टिकाऊ होगा। 

    पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा
    डेनमार्क में यह बहस नई नहीं है. राजधानी कोपेनहेगन समेत कई इलाकों में पहले से ही स्थानीय शोर-शराबे से जुड़े नियमों के कारण लाउडस्पीकर पर अजान को सीमित किया गया है. इसके अलावा 2023 में सरकार ने धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर भी कानून बनाया था. यह फैसला उस समय लिया गया था जब कुरान जलाने की घटनाओं के बाद कई मुस्लिम देशों ने कड़ी नाराजगी जताई थी। 

    डेनमार्क में करीब 2.7 लाख मुस्लिम रहते हैं और देशभर में लगभग 100 मस्जिदें हैं. ऐसे में अजान पर संभावित प्रतिबंध को मुस्लिम समुदाय से जुड़े बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है। 

    यूरोप में तेज हुई इस्लामीकरण पर बहस
    हाल के वर्षों में यूरोप के कई देशों में प्रवासन, हिजाब, धार्मिक पहचान और सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस लगातार तेज हुई है. कई देशों में दक्षिणपंथी और इमीग्रेशन विरोधी दल यह दावा करते रहे हैं कि बड़े पैमाने पर प्रवासन यूरोपीय सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित कर रहा है। 

    बोडस्कोव ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा था कि जो विदेशी कानूनी रूप से डेनमार्क में रहने के हकदार नहीं हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा. उन्होंने इसे सरकार की सख्त प्रवासन नीति का हिस्सा बताया। 

    हालांकि सरकार प्रतिबंध की तैयारी कर रही है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा. संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है और किसी भी नए कानून को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. इसलिए सरकार फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन की सरकार पहले भी अपनी सख्त प्रवासन नीतियों को लेकर सुर्खियों में रही है। 

    News Desk

    Related Posts

    शोएब अख्तर के भाई के जनाजे का वीडियो वायरल, लश्कर आतंकी की मौजूदगी के दावों से मचा बवाल

    June 27, 2026

    सऊदी अरब के रियल एस्टेट में बढ़ा भारतीय निवेशकों का भरोसा, तेजी से बढ़ रही प्रॉपर्टी खरीदारी

    June 27, 2026

    मिडिल ईस्ट में फिर जंग की आहट! नेतन्याहू के ऐलान पर ईरान की जंगी धमकी, लेबनान बॉर्डर पर बढ़ा तनाव

    June 26, 2026

    न्यूयॉर्कवासियों को जोहरान ममदानी का बड़ा वादा, 2 साल तक नहीं बढ़ेगा घर का किराया

    June 26, 2026

    ‘शुभेंदु बाबू पर रोक लगाए भारत’, बांग्लादेशी सांसद की मांग से मचा सियासी बवाल

    June 25, 2026

    वेनेजुएला में महाविनाश! भूकंप के बाद मचा हाहाकार, USGS ने जताई 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

    June 25, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    मानसून स्पेशल: कम समय के लिए मिलने वाला जामुन सेहत के लिए क्यों है फायदेमंद

    June 27, 2026

    केतन मर्डर केस में नया खुलासा! सिया गोयल कॉमर्स ग्रेजुएट नहीं, 12वीं फेल; जांच में सामने आई नई बातें

    June 27, 2026

    सेरेना विलियम्स की विंबलडन में चार साल बाद वापसी, पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की माया जाइंट से भिड़ंत

    June 27, 2026

    वीकेंड पर ओटीटी धमाका: ZEE5 पर देखें राजसी साज़िश से लेकर क्राइम थ्रिलर तक का पूरा पैकेज

    June 27, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.