Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»धर्म»एकमात्र शिवालय जहां शिवलिंग के उपर नहीं है छत, जानें ताड़केश्वर मंदिर का इतिहास
    धर्म

    एकमात्र शिवालय जहां शिवलिंग के उपर नहीं है छत, जानें ताड़केश्वर मंदिर का इतिहास

    By September 2, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    एकमात्र शिवालय जहां शिवलिंग के उपर नहीं है छत, जानें ताड़केश्वर मंदिर का इतिहास
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    ताड़केश्वर महादेव मंदिर, गुजरात के वलसाड जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है, जो अपनी अनोखी वास्तुकला और शयनित शिवलिंग के लिए विशेष रूप से जाना जाता है. इस मंदिर की खास बात यह है कि इसके ऊपर कोई छत नहीं है, और सूर्य की सीधी किरणें शिवलिंग पर पड़ती हैं. हर श्रावण माह में यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है, जो भक्तों के बीच एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र है.

    ताड़केश्वर महादेव मंदिर का इतिहास
    यह मंदिर वलसाड के अब्रामा गांव में वेंकी नदी के तट पर स्थित है और इसकी स्थापना लगभग 800 साल पहले हुई थी. मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार, एक चरवाहा जंगल में अपनी गायों को चरा रहा था, जब उसने देखा कि उसकी गाय एक चट्टान पर अनायास दूध उगल रही है. यह दृश्य देखकर उसने ग्रामीणों को बुलाया, जिन्होंने उस स्थान की जांच की और एक बड़ी शिला पाई. इसके बाद, एक भक्त प्रतिदिन इस शिला पर दूध का अभिषेक करने लगा.

    कहा जाता है कि शिवजी ने उस भक्त को स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि वे उसकी भक्ति से प्रसन्न हैं और उसे उस शिला को कीचड़ से निकालकर उचित स्थान पर स्थापित करने का निर्देश दिया. ग्रामीणों ने शिवलिंग की खुदाई शुरू की और बहुत सावधानी से इसे निकाला, जिससे 6 से 7 फीट लंबा शिवलिंग प्रकट हुआ. इस शिवलिंग को बैलगाड़ी में लादकर आज के स्थान पर लाया गया, जहां इसे स्थापित किया गया.

    ताड़केश्वर महादेव नाम का उद्भव
    स्थापना के बाद, शिवलिंग की सुरक्षा के लिए एक अस्थायी दीवार और घास की छत बनाई गई, लेकिन कुछ ही दिनों में वह छत जल गई. जब ग्रामीणों ने ट्यूबलर छत बनाने की कोशिश की, तो वह भी तूफान में उड़ गई. इसके बाद, एक भक्त को स्वप्न में शिवजी ने बताया कि वे “ताड़केश्वर” हैं और उनके सिर पर छत न बनाने का निर्देश दिया. इसके बाद, मंदिर को ऊपर से खुला छोड़ दिया गया, और शिवलिंग को ताड़केश्वर महादेव के नाम से पूजा जाने लगा.

    वर्तमान स्वरूप और श्रद्धालु
    1994 में मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया, जिसमें 20 फीट गोल गुंबद को खुला रखा गया. यह मंदिर स्वयंभू शिवलिंग के कारण बहुत प्रसिद्ध है, और यहां हर साल श्रावणमास और महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. श्रावण मास के दौरान, इस मंदिर में हर सोमवार को 10,000 से अधिक भक्त भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं, और यहां एक विशाल मेला भी लगता है.

    Related Posts

    राशिफल 24 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा

    April 24, 2026

    पंचांग : आज की तिथि में छिपा है अच्छी सेहत का राज! जानें चिकित्सा कार्यों के लिए क्यों है यह सबसे उत्तम दिन

    February 2, 2026

    राशिफल: आज की एक छोटी सी शांति दिलाएगी बड़ी सफलता! जानें सोमवार को आपके भाग्य के सितारे क्या इशारा कर रहे हैं

    February 2, 2026

    पहाड़ों में बर्मा के बिना अधूरा माना जाता है शुभ कार्य, जानें 108 तिनकों से बने देवताओं के इस पवित्र आसन का रहस्य

    February 2, 2026

    जागरण से जागेगा सौभाग्य, भोलेनाथ देंगे मनचाहा वरदान, जानें महाशिवरात्रि की 4 प्रहर पूजा का विशेष फल

    February 2, 2026

    गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता

    February 2, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब, 2030 तक 500 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

    June 25, 2026

    बांग्लादेश की सेना में बढ़ रहा चीन का दखल, J-10CE डील से भारत को घेरने की तैयारी?

    June 25, 2026

    लोकसभा में NDA को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, 5 सांसदों के समर्थन से बदलेगा सीटों का गणित

    June 25, 2026

    पूरी रात रोई, तब शुभेंदु अधिकारी ने दिया साथ’—क्या महुआ मोइत्रा छोड़ेंगी ममता का हाथ?

    June 25, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.