Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, कहा- मेधावी SC-ST, OBC, EWS उम्मीदवार क्षैतिज कोटे में विचार किए जाने का हकदार
    मध्यप्रदेश

    सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, कहा- मेधावी SC-ST, OBC, EWS उम्मीदवार क्षैतिज कोटे में विचार किए जाने का हकदार

    By August 21, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, कहा- मेधावी SC-ST, OBC, EWS उम्मीदवार क्षैतिज कोटे में विचार किए जाने का हकदार
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

     भोपाल ।   सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है। इस आदेश के मुताबिक एससी/एसटी या ओबीसी व ईडब्ल्यूएस श्रेणी का कोई सदस्य क्षैतिज (हॉरिजेंटल) कोटे की सीटों पर विचार किए जाने का हकदार है, यदि उसके अंक सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित कट ऑफ अंकों से अधिक हैं। क्षैतिज आरक्षण एक प्रकार का आरक्षण है जो सभी जाति श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। दूसरे शब्दों में, इस तरह के आरक्षण प्रत्येक श्रेणी में दिए जाते हैं, जैसे कि सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग को 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस अनारक्षित सरकारी स्कूलों (यूआर-जीएस) कोटे की सीटों पर एससी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के सात उम्मीदवारों को प्रवेश देने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा, क्षैतिज आरक्षण में विभिन्न श्रेणियों को अलग-अलग करने और मेधावी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के अनारक्षित सीटों पर जाने को प्रतिबंधित करने में प्रतिवादियों की ओर से अपनाई गई कार्यप्रणाली पूरी तरह से अस्थिर है। अपीलकर्ताओं ने तर्क दिया था कि यूआर-जीएस सीटों में, उनसे बहुत कम मेधावी और 214, 150 से भी कम अंक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को प्रवेश मिल गया है, जबकि यूआर-जीएस उम्मीदवारों की तुलना में बहुत अधिक मेधावी अपीलकर्ता प्रवेश से वंचित रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीति के गलत अनुप्रयोग के कारण, यूआर-जीएस के रूप में वर्गीकृत 77 सीटें जीएस कोटे से नहीं भरी गईं और उन्हें उम्मीदवारों के खुले पूल में छोड़ दिया गया।

    अपीलकर्ताओं ने दिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

    अपीलकर्ताओं ने सौरव यादव और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य (2021) के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि क्षैतिज आरक्षण के मामले में भी, एससी/एसटी/ओबीसी जैसी आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवार, यदि वे जीएस कोटे में अपनी योग्यता के आधार पर हकदार हैं, तो उन्हें जीएस कोटे (अनारक्षित सीटों) में प्रवेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षित श्रेणी के मेधावी छात्र जिन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है, उन्हें खुली श्रेणी में आने से पहले अनारक्षित श्रेणी के सरकारी स्कूल कोटे की एमबीबीएस सीटें आवंटित की जानी चाहिए।

    वर्टिकल आरक्षण की श्रेणी को क्षैतिज में स्थानांतरित करना संभव नहीं

    मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस जैसी ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) आरक्षण की श्रेणी को यूआर-जीएस की क्षैतिज श्रेणी में स्थानांतरित करना संभव नहीं है। ऊर्ध्वाधर आरक्षण सामाजिक-रूप से पिछड़ी जातियों के लिए होता है। इसी श्रेणी के अंतर्गत पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को आरक्षण दिया जाता है। हालांकि, पीठ ने कहा कि यह अच्छी तरह से स्थापित है कि किसी भी ऊर्ध्वाधर आरक्षण श्रेणी से संबंधित कोई उम्मीदवार जो अपनी योग्यता के आधार पर खुली या सामान्य श्रेणी में चयनित होने का हकदार है, उसे सामान्य श्रेणी में चुना जाएगा और उसका चयन ऐसी ऊर्ध्वाधर आरक्षण श्रेणियों के लिए आरक्षित कोटे में नहीं गिना जाएगा। पीठ ने कहा, यह सिद्धांत क्षैतिज आरक्षण के मामलों पर भी लागू होगा। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी/ओबीसी से संबंधित मेधावी उम्मीदवार, जो अपनी योग्यता के आधार पर यूआर-जीएस कोटे में चयनित होने के हकदार थे, उन्हें जीएस कोटे में खुली सीटों में जगह देने से मना कर दिया गया है।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला खारिज

    सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाइकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया जिसमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के उस फैसले को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। इसमें सरकारी स्कूलों से उत्तीर्ण मेधावी आरक्षित उम्मीदवारों को एमबीबीएस अनारक्षित (यूआर) श्रेणी के सरकारी स्कूल (जीएस) कोटे की सीटें आवंटित नहीं करने का निर्णय लिया गया था। 

    Related Posts

    ‘संविधान हत्या दिवस’ पर सीएम धामी का बड़ा बयान: आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय, लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन

    June 25, 2026

    वेनेजुएला में महाविनाश! भूकंप के बाद मचा हाहाकार, USGS ने जताई 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

    June 25, 2026

    वेनेजुएला में महाविनाश! भूकंप के बाद मचा हाहाकार, USGS ने जताई 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

    June 25, 2026

    वेनेजुएला में महाविनाश! भूकंप के बाद मचा हाहाकार, USGS ने जताई 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

    June 25, 2026

    Dehradun: निशानेबाज जसपाल राणा की त्रयोदशी में पहुंचे राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री धामी, दी श्रद्धांजलि

    June 25, 2026

    Uttarakhand News: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की समीक्षा, सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड के 199 मामलों पर होगी सुनवाई….

    June 24, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    ‘बालिका वधू’ की सुमित्रा स्मिता बंसल का छलका दर्द, बोलीं- काम की वजह से बेटी से बढ़ गई थी दूरी

    June 25, 2026

    ‘संविधान हत्या दिवस’ पर सीएम धामी का बड़ा बयान: आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय, लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन

    June 25, 2026

    Gold Price Crash: 3 महीने के निचले स्तर पर सोना, रॉबर्ट कियोसाकी बोले- ‘मैं खरीदने को तैयार हूं’

    June 25, 2026

    देवी-देवताओं या भारत माता के नाम पर शपथ नहीं, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

    June 25, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.