रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर अंतर्गत आश्रित ग्राम बेदरे में देखने को मिला है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब विकास और विश्वास की नई रोशनी फैल रही है। मुड़िया जनजाति के निवासी श्री बोगाम भीमा पिता श्री हिड़मा को शासन द्वारा वनाधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है, जो उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की नई शुरुआत बन गया है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री बोगाम भीमा को 1.315 हेक्टेयर वनभूमि का वनाधिकार पट्टा मिला है। वर्षों से…
Author: News Desk
रायपुर: “सुशासन तिहार-2026“ अंतर्गत विकासखण्डों में निर्धारित ग्राम पंचायत में शिविर स्थल पर 01 मई 2026 से 10 जून 2026 के दौरान “जन समस्या निवारण शिविर“ का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी एवं शासकीय योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित की जाएगी। हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे एवं आवेदन (मांग/शिकायत) भी आमंत्रित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जारी आदेशानुसार सुशासन तिहार-2026 अंतर्गत “जन समस्या निवारण शिविर“ आयोजित किए जाने हेतु स्थान, तिथि एवं दिन का निर्धारण किया गया है एवं दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिविर के सफल आयोजन…
रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और ‘बिहान’ के समन्वय से महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ‘रिमा’ स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती सविता ने अपनी मेहनत और योजनाओं के बेहतर उपयोग से आर्थिक समृद्धि की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। डबरी निर्माण से खुला आय का नया रास्ता श्रीमती सविता ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत अपने खेत में…
रायपुर: राज्य शासन द्वारा दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन अंतर्गत किकिरगेटा उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु 30.68 करोड़ (तीस करोड़ अड़सठ लाख रूपये) की द्वितीय एवं अंतिम पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन कराना अनिवार्य…
रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के प्रभावी क्रियान्वयन ने ग्रामीण भारत में आवास परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे सभी के लिए आवास का सपना साकार हो रहा है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में विगत दो वर्ष (वित्तीय वर्ष 2024-26) में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कुशल निर्देशन एवं सतत मॉनिटरिंग और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ने पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों को सीधे सहायता प्रदान करके और अन्य योजनाओं के साथ तालमेल बिठाकर…
रायपुर: मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं को पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। शासन की अधिक से अधिक सेवाओं को लोक सेवा गांरटी सेवा के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की करीब 750 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के तहत अधिसूचित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा…
रायपुर: जीवन में हर व्यक्ति के मन में एक सपना होता है कि उनका खुद का एक आशियाना हो, जिसमें वह चैन की नींद ले सके। प्रधानमंत्री आवास योजना से आमलोगों के पक्के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे उन्हें उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम लालाकापा के निवासी प्रभा के पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। उन्हें सुरक्षित और मजबूत पक्का मकान मिला है। प्रभा ने बताया कि उनके पास पहले खुद का पक्का घर नहीं था। वह एक जर्जर कच्ची झोपड़ी में रहते थे, जहां बारिश में…
रायपुर: कोरबा जिले के अत्यंत दुर्गम वनांचल लेमरू क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 से 90 किलोमीटर दूर स्थित यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण है और यहां विशेष रूप से संरक्षित पिछड़ी जनजातियों जैसे पहाड़ी कोरवा और बिरहोर की बड़ी आबादी निवास करती है। लंबे समय तक यह इलाका स्वास्थ्य सुविधाओं से लगभग कटा रहा, जहां किसी भी आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में 5 से 6 घंटे का बहुमूल्य समय लग जाता था। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो…
रायपुर: आज का बचपन एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बच्चों में तेजी से बढ़ता मोटापा अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली का स्पष्ट संकेत बन चुका है। घंटों मोबाइल और टीवी स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय, खेल के मैदानों से बढ़ती दूरी और जंक फूड की सहज उपलब्धता इन तीनों ने मिलकर बच्चों की स्वाभाविक सक्रियता को सीमित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड विकार जैसी बीमारियाँ कम उम्र में ही सामने आने लगी हैं। साथ ही, आत्मविश्वास में कमी, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य…
रायपुर: खाद्य नियंत्रक जिला रायपुर द्वारा बताया गया कि पी डी एस की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। राशन दुकानों में (उचित मूल्य दुकानों) में चावल की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य में हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। विभागीय भंडारण में पर्याप्त मात्रा में चावल उपलब्ध है और वितरण कार्य निरंतर जारी है। राज्य के खाद्य विभाग ने राशन दुकानों में चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (च्क्ै) के तहत खाद्यान्न वितरण पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। विभाग के अनुसार…