Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»₹27,000 करोड़ का निवेश, 90 हजार नौकरियां! यहां बनेगा देश का सबसे बड़ा शिपबिल्डिंग हब
    देश

    ₹27,000 करोड़ का निवेश, 90 हजार नौकरियां! यहां बनेगा देश का सबसे बड़ा शिपबिल्डिंग हब

    News DeskBy News DeskSeptember 17, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ₹27,000 करोड़ का निवेश, 90 हजार नौकरियां! यहां बनेगा देश का सबसे बड़ा शिपबिल्डिंग हब
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

     मुंबई

    महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जल्द ही एक बड़ा शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट आकार ले सकता है. दिघी में करीब ₹27,000 करोड़ के निवेश से ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर बनाने की तैयारी है. महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से करीब 90,000 रोजगार के मौके बन सकते हैं. प्रोजेक्ट को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड(MDL) आगे बढ़ाएगी और यहां बड़े कमर्शियल जहाजों के निर्माण के लिए आधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी। 

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंगलवार को जारी रिलीज के मुताबिक, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने नेशनल शिपबिल्डिंग इंडस्ट्रियल पार्क एंड मरीन लॉजिस्टिक्स (NSHIPML) के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है. यह समझौता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुआ. इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर डेवलपमेंट योजना के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है. इसका मकसद देश में बड़े स्तर पर जहाज बनाने की क्षमता बढ़ाना और शिपबिल्डिंग से जुड़ी पूरी इंडस्ट्री को मजबूत करना है। 

    ₹27,000 करोड़ का निवेश, बड़े जहाज बनेंगे

    प्रस्तावित प्रोजेक्ट में करीब ₹27,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, दिघी में बनने वाले क्लस्टर में बड़े कमर्शियल वेसल्स यानी कारोबारी जहाज बनाए जा सकेंगे. इस प्रोजेक्ट से भारत की मैरीटाइम इंडस्ट्री से जुड़ी क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही जहाज निर्माण से जुड़े दूसरे कारोबार, सप्लाई चेन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। 

    सालाना 2 मिलियन ग्रॉस टन क्षमता का लक्ष्य
    समझौते के तहत MDL ने दिघी में कम से कम 2 मिलियन ग्रॉस टन सालाना शिपबिल्डिंग क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इसका मतलब है कि क्लस्टर को काफी बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना है. यहां सिर्फ जहाज बनाने की सुविधा ही नहीं होगी, बल्कि शिपबिल्डिंग से जुड़े दूसरे कामों के लिए भी जरूरी ढांचा तैयार किया जाएगा. दिघी का ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी मिलकर विकसित कर रहे हैं. इसके लिए NSHIPML को स्पेशल पर्पज कंपनी (SPC) के तौर पर बनाया गया है. सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' के लक्ष्यों के साथ भी जुड़ा है। 

    शिपबिल्डिंग के साथ पूरा इकोसिस्टम बनेगा
    सरकारी रिलीज के मुताबिक, प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक शिपबिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इसके साथ मैरीटाइम इंडस्ट्री को जरूरी सपोर्ट देने वाला इंडस्ट्रियल और सप्लाई चेन नेटवर्क भी विकसित होगा. इससे जहाज निर्माण के लिए जरूरी सामान, सेवाओं और दूसरी औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इससे भारत में शिपबिल्डिंग की क्षमता बढ़ेगी और नई तकनीक व निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। 

    90 हजार रोजगार के मौके बनने की उम्मीद
    इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा असर रोजगार के मोर्चे पर भी देखने को मिल सकता है. महाराष्ट्र सरकार ने करीब 90,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई है. इनमें शिपबिल्डिंग के अलावा सप्लाई चेन और इससे जुड़े दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी शामिल हो सकते हैं. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कैप्टन जगमोहन ने कहा कि कंपनी सभी स्टेकहोल्डर्स के सहयोग से दिघी में आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिपबिल्डिंग सुविधा तैयार करने की दिशा में काम करेगी. MoU पर कैप्टन जगमोहन और NSHIPML के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप पी ने हस्ताक्षर किए। 

    भारत के शिपबिल्डिंग सेक्टर के लिए अहम
    दिघी का यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक शिपयार्ड बनाने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए बड़े जहाजों के निर्माण की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उससे जुड़े उद्योगों का नेटवर्क तैयार करने की योजना है. अगर प्रोजेक्ट तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है तो इससे महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के शिपबिल्डिंग और समुद्री उद्योग को भी फायदा मिल सकता है। 

    News Desk

    Related Posts

    अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- पीएम मोदी ने 25 साल तक लगातार जनादेश हासिल किया

    September 17, 2026

    गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की रेड, रियल एस्टेट मामले में ₹248 करोड़ का आरोप

    September 17, 2026

    SEMICON India 2026 का आगाज, PM मोदी ने किया उद्घाटन; 300 कंपनियां शामिल

    September 17, 2026

    उधमपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में दो आतंकी ढेर

    September 17, 2026

    EPFO पर बड़ा फैसला, वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हुई, लाखों कर्मचारियों को फायदा

    September 17, 2026

    सहारा रिफंड पोर्टल पर फिर से करना होगा क्लेम? लाखों निवेशकों की चिंता, जानें जवाब

    September 17, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- पीएम मोदी ने 25 साल तक लगातार जनादेश हासिल किया

    September 17, 2026

    गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की रेड, रियल एस्टेट मामले में ₹248 करोड़ का आरोप

    September 17, 2026

    SEMICON India 2026 का आगाज, PM मोदी ने किया उद्घाटन; 300 कंपनियां शामिल

    September 17, 2026

    उधमपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में दो आतंकी ढेर

    September 17, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Editor - Rahul Shende
    Mobile -
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.