Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»यूरोप में ‘मेड इन इंडिया’ डीजल का जलवा, रूस-अमेरिका की घटती सप्लाई के बीच भारत बना बड़ा सप्लायर
    देश

    यूरोप में ‘मेड इन इंडिया’ डीजल का जलवा, रूस-अमेरिका की घटती सप्लाई के बीच भारत बना बड़ा सप्लायर

    News DeskBy News DeskSeptember 6, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    यूरोप में ‘मेड इन इंडिया’ डीजल का जलवा, रूस-अमेरिका की घटती सप्लाई के बीच भारत बना बड़ा सप्लायर
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली
     रूस से डीजल की आपूर्ति में भारी गिरावट और अमेरिका से यूरोप जाने वाली ईंधन की खेप में कमी के बीच यूरोप के लिए भारत डीजल के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में उभरा है। ऊर्जा और माल ढुलाई क्षेत्र के तत्काल आधार पर आंकड़े उपलब्ध कराने वाली कंपनी वॉर्टेक्सा के अनुसार, अगस्त में बाब-अल-मंदेब से यूरोप की ओर जाने वाले डीजल में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की रही।
    आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में करीब दो लाख बैरल प्रतिदिन डीजल बाब-अल-मंदेब से होकर यूरोप भेजा गया। यह मात्रा एक साल पहले के स्तर के करीब है, जबकि मार्च और अप्रैल में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से डीजल की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।

    भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती
    भारत की रिफाइनरी इकाइयां अब यूरोप की डीजल आपूर्ति में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल शोधन (रिफाइनिंग) करने वाला देश है। उसकी स्थापित शोधन क्षमता 25.81 करोड़ टन सालाना है, जो घरेलू ईंधन मांग से अधिक है।

    वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया था और वह दुनिया के प्रमुख शोधित पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यातकों में शामिल है। भारतीय ईंधन की मांग अब यूरोप के साथ-साथ रूस में भी बढ़ रही है। हालांकि, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की उपलब्धता हो सकती है।

    प्रभावित हो सकती है डीजल की मात्रा
    वॉर्टेक्सा के अनुसार, अगस्त में भारत में कच्चे तेल और कन्डनसेट की आवक लगातार दूसरे महीने घटकर करीब 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई, जबकि एक साल पहले यह करीब 48 लाख बैरल प्रतिदिन थी।

    ऐसे में यदि कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बना रहता है तो भारतीय रिफाइनरी इकाइयों के पास निर्यात के लिए उपलब्ध अतिरिक्त डीजल की मात्रा भी प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, रूस से डीजल की आपूर्ति में भारी गिरावट बनी हुई है।

    रूस का समुद्री डीजल घटा
    अगस्त के पहले 25 दिन में रूस का समुद्री डीजल और गैसऑयल निर्यात औसतन केवल करीब 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। यह एक साल पहले की तुलना में करीब 6.1 लाख बैरल प्रतिदिन कम और पांच साल के औसत से 81 प्रतिशत नीचे है।
    एक सितंबर से रूस के डीजल निर्यात प्रतिबंध में आंशिक ढील की उम्मीद थी, लेकिन इससे आपूर्ति में तत्काल सुधार की संभावना कम है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की रिफाइनरी इकाइयों और निर्यात ढांचे को लगातार प्रभावित किया है।

    32 हमले दर्ज किए गए
    जुलाई और अगस्त में रूस की रिफाइनरी पर 32 हमले दर्ज किए गए। करीब 2.6 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली पर्म रिफाइनरी पर हुए हमले के बाद उसकी परिचालन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है। रूस के डीजल निर्यात में ‘ब्लैक सी’ क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    पिछले साल रूस के कुल डीजल और गैसऑयल निर्यात का करीब 44 प्रतिशत यानी 3.8 लाख बैरल प्रतिदिन, इसी क्षेत्र से हुआ था। लेकिन बंदरगाहों और रिफाइनरी में व्यवधान के कारण यहां से उपलब्ध आपूर्ति घट गई है। मई में हुए हमले के बाद से तुआप्से बंदरगाह से किसी डीजल खेप का निर्यात नहीं हुआ।

    यूरोप को रूस की कमी की भरपाई में अमेरिका से भी मदद मिली है, लेकिन अब वहां से आने वाली आपूर्ति भी कमजोर पड़ने लगी है। अगस्त में यूरोप के क्षेत्र के बाहर से आने वाले समुद्री डीजल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब आधी रही।
    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी साफ पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में फिलहाल ज्यादा राहत नहीं मिल रही है। अगस्त के पहले 27 दिन में एमआर2 या उससे बड़े टैंकर से साफ पेट्रोलियम उत्पादों की केवल 37 आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जुलाई में यह संख्या 55 और जून में 69 थी।

    ओमान के तट के पास जहाज से जहाज में तेल स्थानांतरण जारी है, लेकिन इनमें ज्यादातर कच्चा तेल शामिल है। साफ पेट्रोलियम उत्पादों का यह कारोबार भी जून की तुलना में काफी घट गया है। ऐसे में यूरोप की डीजल आपूर्ति श्रृंखला पहले के मुकाबले अधिक सीमित स्रोतों पर निर्भर रह गई है।

    रूस की आपूर्ति कमजोर बनी हुई है, अमेरिका से आने वाली खेप घट रही है और होर्मुज मार्ग से अतिरिक्त आपूर्ति सीमित है। इस स्थिति में यूरोप के लिए भारत डीजल की आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    News Desk

    Related Posts

    कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज, PM मोदी कल मंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक

    September 6, 2026

    Old Monk पर बड़ा अपडेट, अब ‘रम’ बताकर नहीं बेच पाएंगे; लेबल में भी होगा बदलाव

    September 6, 2026

    गुजरात में फैजल की बेरहमी से पिटाई, जीप से बांधकर पुलिस ने क्यों बरसाईं लाठियां?

    September 6, 2026

    रोपवे नेटवर्क से बदलेगी उत्तराखंड की तस्वीर, 51 परियोजनाओं से तीर्थयात्रा और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

    September 6, 2026

    नई पर्यटन नीति से उत्तराखंड में विकास और रोजगार की नई राह

    September 6, 2026

    682 करोड़ के चंदे का बड़ा खुलासा, 99% रकम सिर्फ 2 पार्टियों के खाते में पहुंची

    September 6, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    यूरोप में ‘मेड इन इंडिया’ डीजल का जलवा, रूस-अमेरिका की घटती सप्लाई के बीच भारत बना बड़ा सप्लायर

    September 6, 2026

    सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, पहली बार जीता चाइना मास्टर्स का खिताब

    September 6, 2026

    कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज, PM मोदी कल मंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक

    September 6, 2026

    इंडोनेशिया में ज्वालामुखी का जोरदार विस्फोट, 50 हजार फीट तक उठा राख का गुबार; कई उड़ानें रद्द

    September 6, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.