Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»विदेश»तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में तबाही, बाढ़ में 1000 लोग बहे; हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान
    विदेश

    तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में तबाही, बाढ़ में 1000 लोग बहे; हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान

    News DeskBy News DeskAugust 26, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में तबाही, बाढ़ में 1000 लोग बहे; हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रसुवा
    हिमालयी क्षेत्र में एक बार फिर ग्लेशियर और बाढ़ ने चिंता बढ़ा दी है. तिब्बत से लगे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने गांवों और कई बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया. स्याफ्रूबेसी और टिमुरे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. शुरुआती सूचनाओं में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की बात सामने आई है. करीब 1000 लोगों के बह जाने की सूचना भी सामने आई है, हालांकि स्थानीय प्रशासन ने अभी इतनी बड़ी संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। 

    न्यूज एजेंसी रॉटर्स की रिपोर्ट के अुसार नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ इतनी तेज थी कि नदी किनारे मौजूद गांवों और प्रोजेक्ट साइट्स को नुकसान पहुंचा. रसुवा के जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया कि गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बह जाने की रिपोर्ट मिली है. उन्होंने कहा कि फिलहाल जानमाल के नुकसान का सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन भारी जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राहत और बचाव टीमों के साथ पुलिस तथा सेना को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए हैं। 

    रसुवा में भोटे कोशी ने मचाई तबाही
    बाढ़ का सबसे ज्यादा असर स्याफ्रूबेसी और टिमुरे में बताया जा रहा है. ये इलाके चीन-तिब्बत सीमा के करीब हैं और भोटे कोशी नदी के आसपास बसे हैं. सरकार ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि नदी किनारे रहने वाले लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतें और हालात बिगड़ने पर तुरंत ऊंचाई वाले इलाकों की ओर जाएं। 
    नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ इतनी तेज थी कि नदी किनारे मौजूद गांवों और प्रोजेक्ट साइट्स को नुकसान पहुंचा। 

    हाइड्रोपावर और दूसरी परियोजनाओं को नुकसान
    अचानक आई बाढ़ ने नदी किनारे चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी प्रभावित किया है. अधिकारियों को कई प्रोजेक्ट साइट्स के बह जाने की रिपोर्ट मिली है. रसुवा क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं के अलावा सड़क और अन्य निर्माण गतिविधियां भी चलती रहती हैं. ऐसे में बाढ़ से परियोजनाओं को कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन राहत अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। 

    भोटे कोशी का पानी भारत तक पहुंचता है
        इस घटना का असर सिर्फ नेपाल की सीमा तक सीमित नहीं है. भोटे कोशी नदी का उद्गम तिब्बत में होता है. नेपाल में आगे चलकर यह नदी त्रिशूली नदी में मिलती है और त्रिशूली का पानी भारत में गंडक नदी के रूप में आगे बढ़ता है. यही वजह है कि नेपाल में आई इस तरह की अचानक बाढ़ पर भारत, खासकर बिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में भी नजर रखी जाती है। 

        अगर पानी का प्रवाह बड़े पैमाने पर नीचे की ओर बढ़ता है, तो बिहार के गंडक नदी तंत्र पर इसका असर पड़ सकता है. हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौजूदा बाढ़ का कितना पानी भारत तक पहुंचेगा और उसका असर कितना गंभीर होगा। 

    पिछले साल भी आई थी ऐसी ही बाढ़
    भोटे कोशी नदी में पिछले साल भी विनाशकारी बाढ़ आई थी. उस घटना में नौ लोगों की मौत हुई थी और 24 लोग लापता हो गए थे. बाढ़ ने नेपाल और चीन को जोड़ने वाले फ्रेंडशिप ब्रिज को भी बहा दिया था. इससे दोनों देशों के बीच परिवहन और व्यापार कई महीनों तक प्रभावित रहा था। 

    क्षेत्रीय जलवायु निगरानी संस्था के मुताबिक, पिछले साल की बाढ़ तिब्बत में एक सुप्राग्लेशियल झील के पानी के निकलने के कारण आई थी. इस बार भी ग्लेशियर झील या उससे जुड़े जलप्रवाह को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन मौजूदा घटना के सटीक कारण और इसके पीछे किसी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। 

    कई प्रोजेक्ट साइट्स के बह जाने की रिपोर्ट मिली है। 

    राहत-बचाव अभियान जारी, बढ़ सकती है चिंता
    प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा है कि राहत और बचाव दलों के अलावा पुलिस और सेना को भी अभियान में लगाया गया है. प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश करना है. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाका और तेज बहाव है। 

    अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. जैसे-जैसे पानी का स्तर और नुकसान का आकलन सामने आएगा, तस्वीर साफ होगी. फिलहाल रसुवा से लेकर भोटे कोशी और आगे त्रिशूली नदी के पूरे नेटवर्क पर निगाह बनी हुई है। 

     

    News Desk

    Related Posts

    इस्लामाबाद के अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजात बच्चों की जलकर मौत

    August 26, 2026

    पहाड़ों से उठा धुएं का गुबार, फिर आया महाप्रलय; नेपाल में बाढ़ के 4 खौफनाक VIDEO

    August 26, 2026

    ईरान में प्राकृतिक गैस का बड़ा खजाना मिला, फारस प्रांत में 212 अरब घन मीटर से ज्यादा भंडार की खोज

    August 26, 2026

    फ्रांस में मौसमी तबाही! 24 घंटे में 1.79 लाख से ज्यादा घरों की बिजली गुल

    August 25, 2026

    BrahMos Strike के बाद जैश का नया ठिकाना! पाकिस्तान ने विदेशी मार्बल से आतंकी अड्डे का किया मेकओवर

    August 24, 2026

    US National Debt: अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार $40 ट्रिलियन के पार, बढ़ी वित्तीय चिंता

    August 24, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    देहरादून में निकली टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा, सीएम धामी भी हुए शामिल।

    August 26, 2026

    Uttarakhand News: रक्षाबंधन पर भावुक हुए CM धामी, बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र, बोले- आपका आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत….

    August 26, 2026

    Uttarakhand News: रक्षाबंधन पर भावुक हुए CM धामी, बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र, बोले- आपका आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत….

    August 26, 2026

    Uttarakhand News: उत्तराखंड में विकास कार्यों को रफ्तार! धामी सरकार ने मंजूर किए 18 करोड़ से ज्यादा, ऋषिकेश-पिथौरागढ़ में बनेंगे पुल..

    August 26, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.