देहरादून. उत्तराखंड में होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों के 24 पदों पर चयन होने के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है. इस मामले को लेकर भाजपा के सात विधायकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग की है.
दरअसल, उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 9 जून 2022 को होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के 24 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद 1 जून 2023 को अर्हता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी.
इंटरव्यू से पहले रुकी भर्ती
चयन प्रक्रिया के तहत 4 अगस्त 2023 को साक्षात्कार की तारीख तय की गई थी, लेकिन इसके एक दिन पहले 3 अगस्त 2023 को इंटरव्यू प्रक्रिया रोक दी गई. इसके बाद भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक लंबित रही.
लंबी चयन प्रक्रिया के बाद जुलाई 2025 में अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कराए गए. इसके बाद 25 नवंबर 2025 को अंतिम परिणाम जारी हुआ और 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, लेकिन चयन के बाद भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई.
जांच के बाद भी नियुक्ति नहीं
चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने के बाद 13 अप्रैल 2026 को शासन ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए थे. साथ ही 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे.
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है. फिलहाल जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास है और उनके अनुमोदन के बाद इस मामले में निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है.
सात विधायकों ने लिखा पत्र
इसी बीच भाजपा के सात विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को पत्र भेजकर 24 चयनित होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों को नियुक्ति देने की मांग की है. पत्र लिखने वालों में धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल शामिल हैं.
विधायकों की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड ने होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के 24 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई 2025 में साक्षात्कार हुए और 25 नवंबर 2025 को अंतिम परिणाम घोषित कर 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया.
पत्र में यह भी कहा गया है कि एलोपैथिक चिकित्साधिकारियों का परिणाम भी इसी चयन बोर्ड ने मार्च 2026 में घोषित किया था और उन्हें 14 मई को नियुक्ति दे दी गई. ऐसे में जनहित और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चयनित 24 होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों को जल्द नियुक्ति देने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित करने की मांग की गई है.
विधायक ने क्या कहा
ईटीवी भारत से बातचीत में भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा कि चयनित अभ्यर्थी उनके पास आए थे, जिसके चलते उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को पत्र भेजा है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर चर्चा और वार्ता चल रही है तथा सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है, लेकिन सरकार कब निर्णय लेगी, यह सरकार पर निर्भर है.
विनोदी चमोली ने कहा कि तमाम विधायकों की ओर से पत्र लिखना कोई साजिश नहीं है, क्योंकि पत्र में सामान्य बात लिखी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इसका परीक्षण कर रही होगी और परीक्षण में सही जानकारी मिलने पर निर्णय लिया जाएगा, जबकि सही नहीं पाए जाने पर निर्णय नहीं लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के नाते उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई है. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई होनी चाहिए और इसे लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए.
विनोद चमोली ने कहा कि अगर नियुक्ति करनी है तो समय पर की जाए और नहीं करनी है तो उसे रिजेक्ट कर दिया जाए, ताकि अभ्यर्थी फिर से अपनी तैयारी कर सकें.
