मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है। कोई उद्यमी बनेगा, कोई डॉक्टर, किसान या शिक्षक बनकर देश और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सोच, उनके अनुभव और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
परिवहन और स्वच्छता को लेकर युवाओं से मांगे सुझाव
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान के लिए नए विचार देने को कहा। उन्होंने परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए युवाओं की भागीदारी को जरूरी बताया।
धामी ने कहा कि युवा केवल समस्याओं की चर्चा न करें, बल्कि उनके समाधान के लिए भी नए और व्यावहारिक सुझाव सामने लाएं। सरकार ऐसे सुझावों को गंभीरता से लेगी।
बच्चों को संस्कार और सही दिशा देना अभिभावकों की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार और सही मार्गदर्शन देना अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि बच्चे गलत दिशा में जा रहे हैं तो परिवार की भूमिका पर भी विचार करना होगा।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचारों ने पूरी दुनिया को भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराया।
बोले- संकल्प ही सिद्धि का कारण
मुख्यमंत्री ने युवाओं को लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में पूजा-पाठ से पहले संकल्प लेने की व्यवस्था है और संकल्प ही सिद्धि का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को भी अपने जीवन में लक्ष्य तय कर उसी दिशा में लगातार आगे बढ़ना चाहिए। विकल्पों की अधिकता कई बार व्यक्ति को लक्ष्य से भटका देती है। ऐसे में लक्ष्य को मिशन बनाकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के युवा आने वाले समय में उत्तराखंड और देश का नाम दुनिया में रोशन करेंगे।
नशे पर विद्यार्थियों ने पूछा सवाल, स्कूलों के आसपास बिक्री रोकने की मांग
संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के सामने नशे की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। एक विद्यार्थी ने कहा कि कई मोहल्लों में शराब की दुकानें हैं और स्कूलों के आसपास भी नशे की बिक्री होती है। विद्यार्थियों ने इस पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगानी चाहिए। संवाद के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में शादी समारोहों में शराब परोसे जाने की समस्या का मुद्दा भी विद्यार्थियों ने उठाया।
2800 से अधिक स्कूलों के तीन लाख से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 2,800 से अधिक विद्यालयों में कक्षा 11 और 12 के तीन लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों से पर्यटन, रोजगार, वन एवं पर्यावरण, आधुनिक शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, सड़क-कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास समेत विभिन्न विषयों पर सुझाव लिए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को विकास की नीतियों और निर्णयों से जोड़ते हुए उनके विचारों को सामने लाना है।
