Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»जीरा और सौंफ पर राजस्थान-गुजरात में छिड़ी जंग! GI Tag को लेकर किसानों ने उठाए बड़े सवाल
    देश

    जीरा और सौंफ पर राजस्थान-गुजरात में छिड़ी जंग! GI Tag को लेकर किसानों ने उठाए बड़े सवाल

    News DeskBy News DeskJuly 28, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    जीरा और सौंफ पर राजस्थान-गुजरात में छिड़ी जंग! GI Tag को लेकर किसानों ने उठाए बड़े सवाल
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

     मेहसाणा/बाड़मेर

    जीरा और सौंफ भारत में सबसे ज़्यादा उगाए जाने वाले दो मसालों हैं. इतना ही नहीं, जीरा और सौंफ एशिया में सबसे ज्यादा भारत में ही उगते हैं. जीरा और दोनों ही घरेलू मसाले हैं, जिनका हर घर में इस्तेमाल होता है. जीरा और सौंफ को लेकर गुजरात और राजस्थान के किसानों के बीच विवाद छिड़ गया है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) रजिस्ट्री ने गुजरात के मेहसाणा जिले से जुड़े ‘ऊंझा जीरा’ और ‘ऊंझा सौंफ़’ को GI टैग दिया. GI रजिस्ट्रेशन का मकसद किसी खास भौगोलिक जगह से जुड़े उत्पादों की पहचान करना होता है, लेकिन राजस्थान के किसानों ने इस कदम का विरोध किया है. उनका तर्क है कि राजस्थान में भी जीरा और सौंफ की बड़े पैमाने पर खेती होती है और ऊंझा को खास भौगोलिक पहचान देने से गुजरात के बाहर के उत्पादकों के हितों पर असर पड़ सकता है। 

    यह विवाद ऊंझा जीरा-सौंफ को लेकर है. ऊंझा गुजरात के मेहसाणा ज़िले का एक शहर है. यह एशिया के सबसे बड़े मसाला व्यापार केंद्रों में से एक माना जाता है. दशकों से, ऊंझा जीरा और सौंफ के लिए एक बेंचमार्क बाज़ार रहा है, जहां पूरे भारत से व्यापारी अपनी उपज इसकी एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (APMC) में लाते हैं. इस शहर का नाम इन मसालों के व्यापार और निर्यात से गहराई से जुड़ गया है. इसी वजह से GI प्रोटेक्शन के लिए आवेदन किए गए। 

    क्या है जियोग्राफिकल इंडिकेशन
    जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) एक इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट है, जो उन प्रोडक्सट्स को दिया जाता है जिनमें ऐसी खूबियां, विशेषताएं या प्रतिष्ठा होती है जो मुख्य रूप से उनकी भौगोलिक उत्पत्ति से जुड़ी होती हैं. भारत में, GI रजिस्ट्रेशन ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स ऑफ़ गुड्स (रजिस्ट्रेशन एंड प्रोटेक्शन) एक्ट, 1999’ के तहत नियंत्रित होते हैं. GI टैग किसी उत्पाद की कहीं और खेती करने पर रोक नहीं लगाता है. इसके बजाय, यह उस रजिस्टर्ड भौगोलिक नाम के इस्तेमाल की सुरक्षा करता है जो तय क्षेत्र से आते हैं और तय मानकों को पूरा करते हैं। 

    राजस्थान और गुजरात में कहां-कहां होती है जीरे की खेती
    यह विवाद इसलिए पैदा हुआ है क्योंकि भारत में जीरा उत्पादन का लगभग सारा हिस्सा गुजरात और राजस्थान से आता है. राजस्थान के पश्चिमी ज़िले, खासकर जालोर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर और पाली देश के सबसे बड़े जीरा उत्पादक क्षेत्रों में से हैं. वहीं, गुजरात में बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, कच्छ और सुरेंद्रनगर जैसे ज़िलों में बड़े पैमाने पर खेती होती है, और ऊंझा मुख्य व्यापार केंद्र के रूप में काम करता है। 

    राजस्थान के किसानों ने उठाए सवाल
    राजस्थान में किसान संगठनों का तर्क है कि राज्य में पीढ़ियों से जीरा और सौंफ़ की खेती हो रही है और GI के तहत सिर्फ ऊंझा को मान्यता देने से घरेलू और निर्यात बाज़ारों में भ्रम पैदा हो सकता है. उन्होंने तर्क दिया है कि ये मसाले किसी एक भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं और उन्होंने रजिस्ट्रेशन की समीक्षा की मांग की है. इस मामले ने खेती और ब्रांडिंग के बीच के अंतर को भी उजागर किया है. GI रजिस्ट्रेशन के बाद भी, तय भौगोलिक क्षेत्र के बाहर के किसान जीरा और सौंफ उगाना और बेचना जारी रख सकते हैं. हालांकि, वे अपनी उपज की मार्केटिंग सुरक्षित GI नाम का इस्तेमाल करके नहीं कर सकते, जब तक कि वे रजिस्टर्ड भौगोलिक क्षेत्र के अंदर अधिकृत उत्पादक न हों। 

    भारत में सैकड़ों जीआई टैग वाले प्रोडक्ट्स रजिस्टर्ड
    भारत में अभी सैकड़ों रजिस्टर्ड GI उत्पाद हैं, जिनमें कृषि उपज, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और खाद्य पदार्थ शामिल हैं. दार्जिलिंग चाय, बासमती चावल, अल्फोंसो आम, गोरखपुर का काला नमक चावल और नागपुर के संतरे जैसे उत्पादों को उनकी भौगोलिक उत्पत्ति और स्थापित प्रतिष्ठा के आधार पर GI सुरक्षा मिली है. ऊंझा रजिस्ट्रेशन से गुजरात के ट्रेडिंग हब से जीरा और सौंफ भी उस सूची में जुड़ गए हैं, लेकिन राजस्थान के किसानों की आपत्तियों से संकेत मिलता है कि यह मामला GI फ्रेमवर्क के तहत उपलब्ध कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से आगे बढ़ सकता है। 

    News Desk

    Related Posts

    सोसायटी के नियम तोड़ने पर किसे भरना होगा जुर्माना? जानिए मकान मालिक या किरायेदार, क्या कहता है नियम

    July 28, 2026

    सोनम वांगचुक का बड़ा बयान! पत्थरबाजों पर कार्रवाई की मांग, CJP को जश्न मनाने पर दी नसीहत

    July 28, 2026

    CJP की लग्जरी पार्टी पर बवाल! महेश जेठमलानी ने पूछा- नाच-गाने और जश्न की फंडिंग किसने की?

    July 27, 2026

    प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के दावे पर भड़की CJP, सरकार को दिया एक दिन का अल्टीमेटम

    July 27, 2026

    मालदा के अदीना में आदिनाथ शिवलिंग स्थापना का ऐलान! हिंदू संगठनों की तैयारी, प्रशासन हाई अलर्ट पर

    July 27, 2026

    ‘सिर्फ आंदोलन करने पर लाठीचार्ज नहीं कर सकते’… दिल्ली पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    July 27, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    छत्तीसगढ़ का पहला स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 28 जुलाई को रायपुर में,उप मुख्यमंत्री अरुण साव कॉन्क्लेव का करेंगे शुभारंभ

    July 28, 2026

    स्मार्ट मीटर से बिजली खपत नहीं बढ़ती, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई,रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के तुलनात्मक अध्ययन में जुलाई माह में बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज

    July 28, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को दी बधाई

    July 28, 2026

    सोसायटी के नियम तोड़ने पर किसे भरना होगा जुर्माना? जानिए मकान मालिक या किरायेदार, क्या कहता है नियम

    July 28, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.