Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»मैकेनिक की लापरवाही पड़ी भारी! बाइक खराब होने पर कंज्यूमर कोर्ट ने दिलाया ₹66 हजार मुआवजा
    देश

    मैकेनिक की लापरवाही पड़ी भारी! बाइक खराब होने पर कंज्यूमर कोर्ट ने दिलाया ₹66 हजार मुआवजा

    News DeskBy News DeskJuly 22, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    मैकेनिक की लापरवाही पड़ी भारी! बाइक खराब होने पर कंज्यूमर कोर्ट ने दिलाया ₹66 हजार मुआवजा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    तिरुवनंतपुरम
     केरलम के एक जिला कंज्यूमर कमीशन ने एक बाइक मैकेनिक को खराब मरम्मत के लिए जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद एक दिहाड़ी मजदूर की मोटरसाइकिल खराब हो गई थी।

    कमीशन ने मैकेनिक को शिकायतकर्ता को 66,000 रुपए से ज्यादा का भुगतान करने के आदेश दिया।

    कैसे शुरू हुआ विवाद?
    तिरुवनंतपुरम के दिहाड़ी मजदूर रेंजिथ आर ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने जुलाई 2025 में अपनी हीरो ग्लैमर मोटरसाइकिल मैकेनिक अनिल कुमार बी की वर्कशॉप में दी थी, क्योंकि इंजन में कोई समस्या आ गई थी।

    कोर्ट के आदेश के अनुसार, मैकेनिक ने पहले मरम्मत के लिए 10,000 रुपए बताए थे, लेकिन बाद में 12,000 रुपए एडवांड में ले लिए।

    पूरा पेमेंट मिलने के बाद भी मैकेनिक मरम्मत में देरी करता रहा। रेंजिथ कई बार वर्कशॉप गए, लेकिन हर बार बाइक खुली हालत में पड़ी मिली। इससे उनकी आठ दिन की मजदूरी का नुकसान हुआ, इसलिए उन्होंने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस के दखल के बाद ही मैकेनिक ने बाइक वापस की। बिना किसी बिल के उसने रेजिंथ को भरोसा लिया कि इंजन अब एक लाख किलोमीटर तक ठीक से चलेगा। लेकिन तीन महीने के अंदर ही बाइक के 6,000 किलोमीटर चलने से पहले ही, इंजन फिर से खराब हो गया।

    दूसरे गैराज में ठीक करवाने में 17,610 रुपये खर्च 
    दूसरे मैकेनिक ने पाया कि क्रैंकशाफ्ट खराब हो गया था। जब रेंजिथ ने पैसे वापस करने या मरम्मत का खर्च उठाने के लिए कहा, तो मैकेनिक ने कुछ भी करने से इनकार कर दिया और उनसे इसे कहीं और ठीक करवाने को कहा। इसके बाद रेंजिथ ने इसे दूसरे गैराज में ठीक करवाने में 17,610 रुपये खर्च किए, जहां उन्हें पता चला कि पिस्टन गलत तरीके से लगाया गया था, इसी वजह से इंजन ज्यादा तेल जला रहा था।

    कार्बन जमा हो रहा था और आखिरकार क्रैंकशाफ्ट बेयरिंग खराब हो गई थी। इससे परेशान होकर, उन्होंने कोल्लम के जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन का दरवाजा खटखटाया।

    कंज्यूमर कमीशन ने मैकेनिक को क्यों ठहराया जिम्मेदार?
    प्रेसिडेंट एसके श्रीला और सदस्य स्टैनली हेरोल्ड की बेंच ने गौर किया कि मैकेनिक ने पेश होने के बावजूद न तो कोई लिखित जवाब दाखिल किया और न ही शिकायतकर्ता के किसी सबूत को चुनौती दी। नतीजतन, आयोग ने कहा कि घटना के बारे में मजदूर का बयान और दस्तावेजी सबूतों को गलत साबित नहीं किया जा सका।

    आयोग ने कहा कि ये तथ्य साफ तौर पर साबित करते हैं कि दूसरी पार्टी ने जो मरम्मत का काम किया, वह लापरवाही भरा, अधूरा और एक अच्छे मैकेनिक से उम्मीद किए जाने वाले स्टैंडर्ड से कमतर था। ऐसा व्यवहार साफ तौर पर सर्विस में कमी और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत गलत व्यापारिक तरीका माना जाएगा।

    बेंच ने शिकायतकर्ता की आर्थिक मुश्किलों पर किया गौर
    बेंच ने शिकायतकर्ता की आर्थिक और निजी मुश्किलों पर भी ध्यान दिया। उसने देखा कि दिहाड़ी मजदूर होने के नाते, उसे न सिर्फ मोटरसाइकिल की दोबारा मरम्मत पर पैसे खर्च करने पड़े, बल्कि उसकी मजदूरी का भी नुकसान हुआ, उसे बार-बार वर्कशॉप जाना पड़ा और अपनी बाइक वापस पाने से पहले पुलिस के पास भी जाना पड़ा।

    बेंच ने कहा, "शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी, असुविधा और मुश्किल असली हैं और उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।"

    शिकायत को मंजूरी देते हुए, आयोग ने मैकेनिक को शिकायतकर्ता के आर्थिक नुकसान के लिए 36,752 रुपये देने का निर्देश दिया, जिसमें नई मरम्मत का खर्च, मजदूरी का नुकसान और यात्रा का खर्च शामिल है। उसने मानसिक परेशानी के लिए 20,000 रुपये और कानूनी कार्यवाही के खर्च के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा भी दिया, जिससे कुल राहत राशि 66,752 रुपये हो गई।

    यह रकम 45 दिनों के अंदर चुकानी होगी, ऐसा न करने पर मुआवजे और आर्थिक नुकसान वाली रकम पर पैसे मिलने तक 9% सालाना ब्याज लगेगा।

    News Desk

    Related Posts

    कांवड़ मेले में दुकान लगानी है? पहले कराएं पंजीकरण, इन 3 नियमों का पालन भी अनिवार्य

    July 22, 2026

    खुदाई में मिलीं रावण की 35 दुर्लभ मूर्तियां, मांड्या-मैसुरु में ASI की खोज ने चौंकाया

    July 22, 2026

    सिया गोयल का नया कांड! सुपारी देकर कराना चाहती थी वारदात, केतन का नाम सुनते ही किलर ने किया इनकार

    July 22, 2026

    वंदे मातरम पर नया कानून क्या है? क्या राष्ट्रीय गीत के अपमान पर होगी 3 साल की जेल, समझिए पूरा मामला

    July 22, 2026

    सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख, आतंकवाद बंद किए बिना बहाल नहीं होगी संधि

    July 22, 2026

    EPFO के 5 नए नियम 2026 लागू, PF क्लेम और ऑटो-ट्रांसफर अब पहले से ज्यादा आसान

    July 22, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    कांवड़ मेले में दुकान लगानी है? पहले कराएं पंजीकरण, इन 3 नियमों का पालन भी अनिवार्य

    July 22, 2026

    फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली, ट्रंप के 200% टैरिफ डर से दूसरे दिन भी बाजार लुढ़का

    July 22, 2026

    श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए कब होगा टीम इंडिया का ऐलान? दो खिलाड़ियों की वापसी तय, 4 नामों पर सस्पेंस

    July 22, 2026

    खुदाई में मिलीं रावण की 35 दुर्लभ मूर्तियां, मांड्या-मैसुरु में ASI की खोज ने चौंकाया

    July 22, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.