Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»श्वेत क्रांति से संवरती ग्रामीण तकदीर: धमतरी में सहकारिता और महिला नेतृत्व से लिखी जा रही आत्मनिर्भरता की नई गाथा…..
    छत्तीसगढ़

    श्वेत क्रांति से संवरती ग्रामीण तकदीर: धमतरी में सहकारिता और महिला नेतृत्व से लिखी जा रही आत्मनिर्भरता की नई गाथा…..

    News DeskBy News DeskJuly 21, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    श्वेत क्रांति से संवरती ग्रामीण तकदीर: धमतरी में सहकारिता और महिला नेतृत्व से लिखी जा रही आत्मनिर्भरता की नई गाथा…..
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले को अब तक मुख्य रूप से श्धान के कटोरे के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज यह जिला ग्रामीण समृद्धि और आर्थिक स्वावलंबन का एक नया अध्याय लिख रहा है। कभी व्यक्तिगत और असंगठित स्तर तक सीमित रहने वाला दूध का कारोबार आज जिला प्रशासन, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और स्थानीय पशुपालकों के सामूहिक प्रयासों से एक संगठित आंदोलन का रूप ले चुका है। यह बदलाव केवल दैनिक दूध उत्पादन बढ़ाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह वैज्ञानिक पशुपालन, सहकारी निष्ठा और नारी शक्ति के उस अनूठे संगम की मिसाल है, जो गांव-गांव में खुशहाली की नई राहें खोल रहा है।

    लक्ष्य 20 हजार लीटर: आर्थिक मजबूती का नया कैनवास

    धमतरी में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 10 से 15 हजार लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार लीटर प्रतिदिन पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि जिले के 5 से 6 हजार किसान परिवारों और विशेषकर महिला पशुपालकों के जीवन को संवारने का जरिया है। दूध की कीमतें 35-40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। समितियों के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था, डिजिटल भुगतान और सीधे बैंक खातों में पैसे पहुंचने से पशुपालकों को उनकी मेहनत का पूरा और समय पर मूल्य मिल रहा है, जिससे डेयरी व्यवसाय के प्रति ग्रामीण समुदाय का भरोसा लगातार गहरा हुआ है।

    सहकारिता की संजीदगी: पुनर्जीवित समितियों से बदला परिदृश्य

    धमतरी के इस डेयरी मॉडल का सबसे मजबूत स्तंभ सहकारिता की भावना है। कुछ समय पहले तक जो दुग्ध समितियां सुप्त या निष्क्रिय पड़ी थीं, उन्हें विशेष अभियान चलाकर पुनर्जीवित किया गया। आज जिले में 68 से अधिक सक्रिय दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां गतिशील हैं। गांव-गांव में फैले इस नेटवर्क के जरिए दूध का वैज्ञानिक परीक्षण, संग्रहण और व्यवस्थित विपणन संभव हो सका है, जिसने बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सीधे किसानों को लाभान्वित किया है।

    झारखंड और गुजरात से मिली नई दृष्टि

    धमतरी की श्वेत क्रांति की सबसे खूबसूरत तस्वीर यह है कि इसकी बागडोर महिलाओं के हाथों में है। स्वयं सहायता समूहों और महिला दुग्ध समितियों के जरिए जुड़कर महिलाएं अब केवल घरेलू पशुपालक नहीं, बल्कि सफल डेयरी उद्यमी बन रही हैं। एनडीडीबी के सहयोग से जिले की 43 महिला दुग्ध उत्पादकों को झारखंड के सफल डेयरी मॉडल का अध्ययन कराया गया, जहाँ उन्होंने स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और सहकारी प्रबंधन के गुर सीखे।

    इसी कड़ी में जिले के 19 प्रगतिशील किसानों और समिति पदाधिकारियों को अमूल की जन्मभूमि गुजरात के मेहसाणा (MIT) भेजा गया, ताकि वे उन्नत नस्ल सुधार और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों को समझ सकें। गुजरात और झारखंड से आधुनिक अनुभव लेकर लौटीं ये महिलाएं और किसान आज धमतरी के अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणास्रोत और ‘मास्टर ट्रेनर‘ की भूमिका निभा रहे हैं।

    प्रसंस्करण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से मिलेगा नया आयाम

    उत्पादन और संग्रहण को मजबूती देने के बाद अब जिले में दूध के मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर तेजी से काम हो रहा है। सेमरा-बी, भाठागांव और मुजगहन में चिलिंग प्लांट पहले से कार्यरत हैं, जबकि कुरूद क्षेत्र के लिए नए प्लांट को हरी झंडी मिल चुकी है। जिले के छाती क्षेत्र में एक विशाल और आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट आकार ले रही है। इसके शुरू होते ही स्थानीय स्तर पर दूध की प्रोसेसिंग के साथ-साथ दही, पनीर, मक्खन और पैकेज्ड मिल्क तैयार किया जा सकेगा। इससे न केवल परिवहन लागत घटेगी, बल्कि धमतरी का अपना डेयरी ब्रांड विकसित होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    सुदूर गांवों तक फैलाव: समावेशी विकास की ओर धमतरी

    जिला कलेक्टर की सोच के अनुरूप, इस डेयरी क्रांति का दायरा केवल धमतरी या कुरूद तक सीमित नहीं है। इसका विस्तार वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों जैसे नगरी और मगरलोड के गांवों तक किया जा रहा है। उन्नत नस्ल सुधार (कृत्रिम गर्भाधान), नियमित टीकाकरण, संतुलित पशुआहार और पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से आर्थिक सहायता देकर अंतिम व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

    News Desk

    Related Posts

    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बालोद के महेश कुमार का बिजली बिल हुआ ‘शून्य’….

    July 21, 2026

    जनजातीय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगा शबरी वाचनालय – राज्यपाल रमेन डेका…..

    July 21, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश…

    July 21, 2026

    पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

    July 21, 2026

    आधुनिक खेती का नया अध्याय: अब सहकारी समितियों के जरिए किसानों को मिलेगी ‘ड्रोन स्प्रेयर‘ की सुविधा: मंत्री टंक राम वर्मा….

    July 21, 2026

    राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के 81वें दौर का शुभारंभ, प्रवासन, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश तथा कृषि परिवारों के स्थिति आकलन सर्वेक्षण का क्षेत्रीय कार्य शुरू….

    July 21, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    Uttarakhand News: हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को मिली रफ्तार, CM धामी ने रखी 235 करोड़ की परियोजनाओं की नींव….

    July 21, 2026

    Uttarakhand News: हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को मिली रफ्तार, CM धामी ने रखी 235 करोड़ की परियोजनाओं की नींव….

    July 21, 2026

    Uttarakhand News: धामी सरकार का बड़ा फैसला: उत्तराखंड में हेलीपैड, सड़क और सुरक्षा ढांचे के विकास के लिए 51 करोड़ रुपये मंजूर….

    July 21, 2026

    Uttarakhand News: धामी सरकार का बड़ा फैसला: उत्तराखंड में हेलीपैड, सड़क और सुरक्षा ढांचे के विकास के लिए 51 करोड़ रुपये मंजूर….

    July 21, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.