Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»Amarnath Yatra 2026: 5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, श्रद्धालुओं के लिए बड़ा झटका; देखें कैसे बदला स्वरूप
    देश

    Amarnath Yatra 2026: 5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, श्रद्धालुओं के लिए बड़ा झटका; देखें कैसे बदला स्वरूप

    News DeskBy News DeskJuly 7, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Amarnath Yatra 2026: 5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, श्रद्धालुओं के लिए बड़ा झटका; देखें कैसे बदला स्वरूप
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    श्रीनगर
     अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं। हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।अमरनाथ यात्रियों के लिए दुख वाली खबर सामने आई है. यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा तक पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं. अमरनाथ यात्रा इस बार 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 7 जुलाई को बाबा बर्फानी पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गए. हर वर्ष 57 दिन तक चलने वाली बाबा अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन के दिन यानी सावन पूर्णिमा पर समापन होता है. लेकिन महज पांच दिन में ही बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने से अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

    3 जुलाई से शुरू हुई थी यात्रा
    इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई तक प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया। जबकि यह यात्रा हर साल 57 दिनों तक चलती है और इस बार इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (सावन पूर्णिमा) के दिन होना है।

    श्राइन बोर्ड ने क्या कहा?
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हिमलिंग का बनना और पिघलना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी सामान्य घटना बताया है।अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से जब इस बारे में बात कई गई तो उन्होने इस स्थिति को प्राकृतिय प्रकिया का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया. लेकिन कश्मीर के पर्यावरणविदों का मानना है कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देना इसका सबसे बड़ा कारण है. उनका कहना है कि लाखों भक्तों की गर्म सांस हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है और श्राइन बोर्ड के अधिकारी भी यह मानते हैं लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की. साथ ही हिमलिंग के पिघलने से रोकने के लिए किए गए सभी उपाय भी इनको नाकाफी साबित हुए। 

    पर्यावरणविदों ने जताई चिंता
    कश्मीर के कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से गुफा के आसपास का तापमान बढ़ता है, जिससे हिमलिंग तेजी से पिघल सकता है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। हालांकि, इस दावे पर सभी विशेषज्ञों की एक जैसी राय नहीं है और हिमलिंग के जल्दी पिघलने के पीछे मौसम और जलवायु भी अहम कारण माने जाते हैं।

    मौसम और तापमान का भी असर
    विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग हर साल तापमान, बर्फबारी और मौसम की स्थिति के अनुसार आकार लेता है। ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी और जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियां इसके बनने और पिघलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

     अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने झाड़ा पल्ला
    अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने इसके पिघलने की प्रक्रिया से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। हालांकि कश्मीर के पर्यावरणविद इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से ऐसा हुआ है। 

    भक्तों की गर्म सांसों से पिघल रहा है हिमलिंग!
    पिछले कई सालों से जिस तेजी से हिमलिंग पिघल रहा है उसे रोकने की खातिर किए जाने वाले उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। दरअसल गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से हिमलिंग को नुकसान पहुंच रहा है क्योंकि लाखों भक्तों की गर्म सांसों को हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी अप्रत्यक्ष तौर पर भक्तों की सांसों की थ्योरी को मानते हैं पर प्रत्यक्ष तौर पर वे इसे कुदरती प्रक्रिया करार देते थे। 

    पहले भी जल्दी पिघल चुका है हिमलिंग
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 मई को हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी। 29 जून तक यह घटकर करीब 5 फीट रह गई और अब इसके पूरी तरह पिघलने की जानकारी सामने आई है। यह पहली बार नहीं है जब हिमलिंग यात्रा के दौरान जल्दी पिघला हो। वर्ष 2016 में यात्रा शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही हिमलिंग पिघल गया था। वहीं, 2013 में भी यात्रा समाप्त होने से पहले ही हिमलिंग अंतर्ध्यान हो गया था।

    28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा
    इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इसी वजह से यह हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है।

    News Desk

    Related Posts

    Flipkart-Amazon समेत 150 कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक विज्ञापन और गलत लेबलिंग पर नोटिस

    August 23, 2026

    पुतिन के भारत दौरे में बड़े रक्षा सौदे की तैयारी, सुखोई-57 और ‘सुपर सुखोई’ पर हो सकती है डील

    August 23, 2026

    मां से नाराज होकर घर से निकली विधायक रोहित पवार के PA की बेटी, अगले दिन नाले में मिली लाश

    August 23, 2026

    यूपी-राजस्थान के स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और वीडियोग्राफी पर रोक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

    August 23, 2026

    होर्मुज नहीं, इस बार बाब अल-मंदेब रूट से भारत पहुंचा क्रूड ऑयल से भरा टैंकर

    August 23, 2026

    आईफोन की EMI बनी जानलेवा! बाप-बेटे पहाड़ी से गिरे, हादसे के सदमे में मां की भी मौत

    August 23, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    संत समाज से बोले शिवराज, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के लिए करें जनजागरण

    August 23, 2026

    पुतिन के भारत दौरे में बड़े रक्षा सौदे की तैयारी, सुखोई-57 और ‘सुपर सुखोई’ पर हो सकती है डील

    August 23, 2026

    Flipkart-Amazon समेत 150 कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक विज्ञापन और गलत लेबलिंग पर नोटिस

    August 23, 2026

    छत्तीसगढ़ पर्यटन बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े से सावधान, पर्यटन बोर्ड की पर्यटकों से अपील—फर्जी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया से रहें सतर्क….

    August 23, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.