Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट तक पहुंचा चीन, सेशेल्स के जरिए हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक घेराबंदी
    देश

    बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट तक पहुंचा चीन, सेशेल्स के जरिए हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक घेराबंदी

    News DeskBy News DeskJune 29, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट तक पहुंचा चीन, सेशेल्स के जरिए हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक घेराबंदी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली

     हिंद महासागर में इन दिनों बड़ी भू-राजनीतिक शतरंज बिछी हुई है. एक तरफ चीन अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के जरिए बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश कर रहा है. पाकिस्तान का ग्वादर, श्रीलंका का हम्बनटोटा, जिबूती में नौसैनिक अड्डा और अब बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट तक उसकी पहुंच इस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. दूसरी ओर भारत भी अब सिर्फ समुद्र की निगरानी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि हिंद महासागर में अपने भरोसेमंद साझेदारों का मजबूत नेटवर्क तैयार कर रहा है। 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा इसी बड़ी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है. पहली नजर में सेशेल्स एक छोटा सा द्वीपीय देश दिखता है. करीब 460 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल और लगभग एक लाख की आबादी वाले इस देश को देखकर शायद ही कोई अंदाजा लगाए कि इसकी रणनीतिक अहमियत कितनी बड़ी है. लेकिन पश्चिमी हिंद महासागर में फैले इसके 115 द्वीप ऐसे समुद्री इलाके में स्थित हैं, जहां से दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक समुद्री मार्ग गुजरते हैं। 

    सेशेल्स केवल एक मित्र नहीं, समुद्री सुरक्षा का अहम साझेदार
    एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया को जोड़ने वाले इन रास्तों से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल, एलएनजी, कंटेनर कार्गो और जरूरी सामान दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है. भारत के विदेशी व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा भी इन्हीं समुद्री मार्गों पर निर्भर है. यही वजह है कि नई दिल्ली के लिए सेशेल्स केवल एक मित्र देश नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा के लिए सबसे अहम साझेदार बन चुका है. दिलचस्प बात यह है कि जमीन के लिहाज से छोटा होने के बावजूद सेशेल्स का विशेष आर्थिक क्षेत्र करीब 13 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। 

    इस विशाल समुद्री इलाके की निगरानी किसी भी छोटे देश के लिए आसान नहीं होती. भारत ने इसी जरूरत को समझते हुए पिछले कई वर्षों में सेशेल्स को डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान, तेज गश्ती नौकाएं, तटीय निगरानी रडार नेटवर्क, हाइड्रोग्राफिक सर्वे और सैन्य प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. इससे न केवल सेशेल्स की समुद्री क्षमता बढ़ी है, बल्कि पूरे पश्चिमी हिंद महासागर में भारत की निगरानी और साझेदारी भी मजबूत हुई है। 

    चीन की बढ़ती भूमिका को करेगा काउंटर
    यह पूरी रणनीति ऐसे समय में सामने आ रही है, जब चीन हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है. बीते एक दशक में बीजिंग ने बंदरगाहों, औद्योगिक परियोजनाओं और समुद्री बुनियादी ढांचे में अरबों डॉलर का निवेश किया है. पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट, श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह और अफ्रीका के जिबूती में उसकी मौजूदगी पहले ही भारत की रणनीतिक चिंताओं का हिस्सा रही है. अब बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट तक चीन पहुंचने जा रहा है. चीन की इस भूमिका को भारत इसे व्यापक परिप्रेक्ष्य में देख रहा है. भारत जानता है कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा केवल जमीन पर नहीं, बल्कि समुद्र में भी तय होगी। 

    हालांकि, भारत का जवाब चीन की तरह कर्ज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल नहीं है. भारत की रणनीति भरोसे, क्षमता निर्माण और साझा विकास पर आधारित है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी साफ कहा है कि भारत किसी भी देश में वही परियोजना आगे बढ़ाता है, जिसे वहां की सरकार और जनता की सहमति प्राप्त हो. यही कारण है कि सेशेल्स के साथ रक्षा सहयोग के साथ-साथ डिजिटल गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। 

    प्रधानमंत्री मोदी की 2015 की यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी थी. उसी दौरान कोस्टल सर्विलांस रडार सिस्टम की शुरुआत हुई, जिसने समुद्री गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी को नई मजबूती दी. भारत ने डोर्नियर विमान और अन्य रक्षा उपकरण देकर सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाई. अब 2026 की यह यात्रा दोनों देशों के बीच 50 वर्षों के राजनयिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की कोशिश है। 

    भारत की बदलती समुद्री सोच
    इस यात्रा का एक और अहम संदेश भारत की बदलती समुद्री सोच है. 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सागर’ यानी सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन का विजन दिया था. अब इसे ‘महासागर’ यानी म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सेक्युरिटी एंड ग्रोथ एक्रॉल रीजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. इसका मतलब सिर्फ नौसैनिक सहयोग नहीं, बल्कि डिजिटल कनेक्टिविटी, सप्लाई चेन, जलवायु सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को भी समुद्री रणनीति का हिस्सा बनाना है. सेशेल्स इस व्यापक रणनीति का सबसे मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है. भारत और सेशेल्स के रिश्ते केवल रणनीति तक सीमित नहीं हैं. दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध भी दो सदियों से अधिक पुराने हैं. भारतीय मूल के हजारों लोग आज भी सेशेल्स की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, व्यापार और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

    यही सामाजिक जुड़ाव दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बनाता है. बदलती वैश्विक राजनीति में हिंद महासागर का महत्व लगातार बढ़ रहा है. जो देश इस समुद्री क्षेत्र में मजबूत साझेदारी और भरोसेमंद उपस्थिति बनाएगा, वही आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगा. ऐसे में यदि चीन मोंगला, ग्वादर और हम्बनटोटा के जरिए अपनी रणनीतिक पहुंच बढ़ा रहा है, तो भारत भी सेशेल्स जैसे विश्वसनीय साझेदारों के साथ अपने समुद्री सुरक्षा तंत्र को मजबूत कर रहा है। 

    News Desk

    Related Posts

    UPI Payment पर लगेगा नया चार्ज? ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर आया बड़ा अपडेट

    September 18, 2026

    TMC विवाद में EC का बड़ा फैसला, ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ तो बागी गुट को ‘लिफाफा’

    September 18, 2026

    मूडीज का बड़ा अनुमान, भारत की GDP ग्रोथ 1% बढ़कर 7% होने की उम्मीद

    September 18, 2026

    HAL आज वायुसेना को सौंपेगी LCA तेजस ट्रेनर और HTT-40, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहेंगे मौजूद

    September 18, 2026

    India’s First Bullet Train: सुरंग से गुजरेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, भव्य स्टेशन बनकर तैयार

    September 18, 2026

    भारत से पंगा लेने उतरा PNS हुनैन, खटारा जहाज होने का दावा; जानें कितना पुराना है पोत

    September 18, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ : डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: ‘वसुंधरा’ परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर….

    September 20, 2026

    लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना…..

    September 20, 2026

    वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

    September 20, 2026

    सेवा सेतु से साकार हो रहा सुशासन का संकल्प, एक ही मंच पर 900 से अधिक शासकीय सेवाएं, घर और गांव के नजदीक मिल रही सुविधाएं….

    September 19, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Editor - Rahul
    Mobile -
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.