Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»70 साल पुराने जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जजों का जन्म भी नहीं हुआ था जब शुरू हुआ था मामला
    देश

    70 साल पुराने जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जजों का जन्म भी नहीं हुआ था जब शुरू हुआ था मामला

    News DeskBy News DeskJune 27, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    70 साल पुराने जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जजों का जन्म भी नहीं हुआ था जब शुरू हुआ था मामला
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

     नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे अनोखे और 70 साल पुराने जमीन विवाद का निपटारा किया है, जो देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल से होकर गुजरा है। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में फैसला सुनाने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच के दोनों जजों का तब जन्म भी नहीं हुआ था, जब यह कानूनी विवाद शुरू हुआ था। यह पूरा मामला साल 1957 की एक सेल डीड (बिक्री विलेख) से जुड़ा हुआ है।

    क्या है 70 साल पुराना यह जमीन विवाद?
    टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद 4 जून 1957 को हरिद्वार के नरसीपुर कलां गांव में 15.5 बीघा जमीन की खरीद से जुड़ा है। इस जमीन को अपीलकर्ता शराफत अली के पूर्वजों ने खरीदा था। उस समय शराफत अली के पूर्वज नाबालिग थे, इसलिए जमीन की यह खरीद उनके पिता ने की थी। शुरुआत में यह मामला दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की कार्यवाही के रूप में शुरू हुआ, जो बाद में यूपी जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम, 1950 और चकबंदी ढांचे (कंसोलिडेशन फ्रेमवर्क) के दायरे में चला गया।

    चार पीढ़ियों ने लड़ी कानूनी लड़ाई, गुजर गए लोग
    इस केस का सफर इतना लंबा रहा कि इस दौरान एक के बाद एक पीढ़ियां गुजर गईं। मुकदमे की इस लंबी और घुमावदार यात्रा के दौरान अपीलकर्ता शराफत अली का भी निधन हो गया। इसके बाद उनके कानूनी उत्तराधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट तक इस लड़ाई को लड़ा। इस तरह एक ही परिवार की चार पीढ़ियां इस 70 साल पुरानी मुकदमेबाजी में उलझी रहीं।

    सुप्रीम कोर्ट ने पलटा निचली अदालत और हाईकोर्ट का फैसला
    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया। इससे पहले निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) और हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अपीलकर्ता इस सेल डीड के निष्पादन को साबित करने में विफल रहे हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों के निष्कर्षों को खारिज कर दिया और डीड को वैध माना।

    म्यूटेशन और चकबंदी में कैसे उलझा था मामला?
    जमीन की खरीद के बाद जब खरीदार के नाम पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) का समय आया, तो बेचने वाले ने शुरुआत में आपत्ति जताई। हालांकि, बाद में उसने आपत्ति वापस ले ली ताकि राजस्व अधिकारी अपीलकर्ताओं के पक्ष में जमीन का म्यूटेशन कर सकें।

    लेकिन, जब गांव में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई, तो अपीलकर्ताओं ने पाया कि खरीदी गई जमीन के मालिक के रूप में उनका नाम रिकॉर्ड से गायब था और वह अभी भी बेचने वाले के नाम पर ही दर्ज थी। चकबंदी अधिकारी ने म्यूटेशन रिकॉर्ड के आधार पर अपीलकर्ताओं का नाम जमीन के मालिक के रूप में दर्ज कर दिया। लेकिन बेचने वालों ने इसे फिर से चुनौती दी, जिसके बाद चकबंदी अधिकारी ने नए सिरे से फैसला करने का आदेश दिया था। आखिरकार, अब 70 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का अंतिम समाधान हो गया है।

    News Desk

    Related Posts

    UPI Payment पर लगेगा नया चार्ज? ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर आया बड़ा अपडेट

    September 18, 2026

    TMC विवाद में EC का बड़ा फैसला, ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ तो बागी गुट को ‘लिफाफा’

    September 18, 2026

    मूडीज का बड़ा अनुमान, भारत की GDP ग्रोथ 1% बढ़कर 7% होने की उम्मीद

    September 18, 2026

    HAL आज वायुसेना को सौंपेगी LCA तेजस ट्रेनर और HTT-40, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहेंगे मौजूद

    September 18, 2026

    India’s First Bullet Train: सुरंग से गुजरेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, भव्य स्टेशन बनकर तैयार

    September 18, 2026

    भारत से पंगा लेने उतरा PNS हुनैन, खटारा जहाज होने का दावा; जानें कितना पुराना है पोत

    September 18, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ : डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: ‘वसुंधरा’ परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर….

    September 20, 2026

    लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना…..

    September 20, 2026

    वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

    September 20, 2026

    सेवा सेतु से साकार हो रहा सुशासन का संकल्प, एक ही मंच पर 900 से अधिक शासकीय सेवाएं, घर और गांव के नजदीक मिल रही सुविधाएं….

    September 19, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Editor - Rahul
    Mobile -
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.