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    राजनीती

    TMC में बड़ी बगावत! 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने की तैयारी, NDA में शामिल होने की जताई इच्छा

    News DeskBy News DeskJune 8, 2026No Comments8 Mins Read
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    TMC में बड़ी बगावत! 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने की तैयारी, NDA में शामिल होने की जताई इच्छा
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    नई दिल्ली
    पश्चिम बंगाल के बाद नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट होने का प्रोसेस शुरू हो गया है. तृणमूल कांग्रेस के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजा है और उन्होंने अलग गुट बनाने का प्रस्ताव दिया है. बताया जा रहा है कि इस गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह बगावत ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी नई दिल्ली में ही मौजूद हैं. उनके साथ पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी हैं. इन सांसदों के पास दो विकल्प हैं. या तो ये टीएमसी से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो जाएं या फिर विधानसभा की तरह अलग गुट बनाकर अलग हों। 

    तृणमूल कांग्रेस में बड़ी हलचल की खबर आ रही है. रिपोर्ट के अनुसार अब दिल्ली में भी टीएमसी में बड़ी टूट की आशंका है. टीएमसी  तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद अलग गुट बनाएंगे. ये 20 सांसद तृणमूल कांग्रेस से जल्द अलग होंगे. इस बाबत आज दिल्ली में अहम गतिविधियां हुईं. ये सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर को अपने फैसले की जानकारी देंगे. लेकिन स्पीकर अभी दिल्ली में मौजूद नहीं हैं, लोकसभा स्पीकर अभी चंडीगढ़ में हैं। 

    लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं. पार्टी में टूट के लिए कम से कम दो तिहाई सांसदों की जरूरत है. ये संख्या 19 होती है. इस बीच टीएमसी के बागी गुट ने 20 सांसदों के अपने साथ होने का दावा किया है। 

    इन बागी सांसदों का कहना है कि लोकसभा में वे अपने नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी को नहीं बल्कि काकोली घोष को चाहते हैं। 

    बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजने से पहले दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर स्थित केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सरकारी आवास पर सोमवार को एक बेहद गोपनीय बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। 

    बागी सांसद शाम 6.30 बजे टीएमसी एमपी शताब्दी राय के घर एक और मीटिंग करेंगे।  

    इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के 14 बागी सांसदों ने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की है. ये मुलाकात बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर पर हुई है. पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी आज ही दिल्ली पहुंचे हैं. सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में टीएमसी के लोकसभा के 14 सांसद मौजूद थे. इस मुलाकात में बीजेपी नेता और पूर्व त्रिपुरा सीएम बिप्लब देब भी शामिल थे। 

    सूत्रों का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस के 5 बागी सांसद सोमवार सुबह से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मौजूद थे. इन पांच सांसदों के नाम बर्दमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा सांसद अरूप चक्रवर्ती हैं. दोपहर 12.00 बजे के बाद बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके घर गए. इस बीच सूत्रों ने बताया कि लोकसभा के कुल 14 टीएमसी सांसदों ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. दोपहर 2 बजे के बाद शुभेंदु अधिकारी भूपेन्द्र यादव के घर से निकले। 

    इधर इस घटनाक्रम से पहले TMC से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर से मिलने के लिए पार्टी के 5 सांसद पहुंचे. ये मुलाकात दिल्ली में हुई. सुखेंदु शेखर से मिलने आए सांसदों में बर्दमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा सासंद अरूप चक्रवर्ती शामिल थे। 

    रिपोर्ट के अनुसार TMC के बागी सांसद लोकसभा में अभिषेक बनर्जी के बजाय काकोली घोष को पार्टी का नेता चाहते हैं। 

    बता दें कि राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने आज (सोमवार) ही राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दिया है. इस बीच उनसे टीएमसी के पांच सांसद मिलने पहुंचे थे. इससे टीएमसी की राजनीति को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। 

    बता दें कि TMC सांसदों में पहले ही विभाजन हो चुका है. तृणमूल कांग्रेस के विधायकों पर ममता बनर्जी की पकड़ ढीली पड़ने के बाद अब पार्टी के संसदीय खेमे को भी एक और झटका लगा है। 

    ममता के सबसे विश्वस्त लेफ्टिनेंट फिरहाद हकीम ऋतब्रत से मिले
    इस बीच कोलकाता से खबर है कि ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त लेफ्टिनेंट और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने बागी विधायकों के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की है. ये मुलाकात विधानसभा में भी हुई है. फिरहाद हकीम ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है. फिरहाद हकीम ने कुछ दिन पहले ही कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दिया है। 
     
    आज सुखेंदु बोले, कल दूसरे ही बोलेंगे-ऋतब्रत
    वहीं राज्यसभा में एक दशक से ज़्यादा समय तक पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने सांसद और पार्टी, दोनों पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. और पार्टी के 5 सांसदों से मुलाकात की है। 

    वहीं बंगाल में ममता के खिलाफ बगावत करने वाले बागी विधायक और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने कई विधायकों से मुलाकात की है। 

    नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सुखेंदु के इस्तीफे और टीएमसी के राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि, "यह सिर्फ़ सुखेंदु की बात नहीं है. असल में मैंने उनसे व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की है. लेकिन उन्होंने जो कुछ भी कहा, मैं उससे ज़्यादातर सहमत हूं, खासकर संसद के उच्च सदन के कामकाज को लेकर. उनकी बातें बिल्कुल सही थीं. संसद कोई क्विज़ शो की जगह नहीं है. सुखेंदु जो बता रहे हैं, उसका अनुभव मैंने खुद किया है. उनके जैसे कद के सांसद को पिछली कतार में धकेल दिया जाना निराशाजनक था, आज सुखेंदु आवाज़ उठा रहे हैं; कल दूसरे भी ऐसा ही करेंगे। 

    ये हो सकते हैं बागी सांसद
    लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपे गए पत्र में जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. वहीं काकोली घोष दस्तीदार, पार्थ भौमिक, अभिनेता-राजनेता देव और जून माल्या को लेकर भी असंतोष की अटकलें लगाई जा रही हैं। 

    तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी से इस्तीफा दिया, राज्यसभा सदस्य पद छोड़ा
    तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया. पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल राय का यह कदम ऐसे समय आया है, जब संगठन के भीतर लंबे समय से असंतोष और गुटबाजी की चर्चा चल रही है. उनके इस्तीफे ने संकेत दिया है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब संसदीय स्तर तक पहुंच चुके हैं. राय ने अपने इस्तीफे में शासन और संगठन में बढ़ते भ्रष्टाचार तथा जनता के बढ़ते असंतोष को वजह बताया. उन्होंने आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्याकांड मामले में पार्टी के रुख पर भी लगातार सवाल उठाए थे. उनका इस्तीफा उस बगावत के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाकर रिताब्रता बनर्जी का समर्थन किया था. विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरी दरारें अब और गहरी होती दिखाई दे रही हैं। 

    राज्य सभा में तृणमूल कांग्रेस का टूटना तय!
    उधर, पश्चिम बंगाल विधानसभा, लोकसभा के बाद राज्य सभा में भी तृणमूल कांग्रेस का टूटना तय माना जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के सांसदों के एक समूह ने भविष्य की रणनीति और पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बनाने की संभावना पर चर्चा करने के लिए सोमवार को यहां बैठक की. बैठक में हिस्सा लेने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर राय भी शामिल थे, जिन्होंने सोमवार को ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी. सुखेंदु शेखर ने संभावना जताई कि राज्य सभा में भी असंतुष्ट सांसद तृणमूल कांग्रेस से अलग होने के लिए पहल करने वाले हैं। 

    यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 60 विधायकों की ओर से एक अलग गुट बनाने के बाद सामने आया है, जहां ऋताब्रता बनर्जी ने ममता बनर्जी के नामित उम्मीदवार के बजाय नेता प्रतिपक्ष का कार्यभार संभाल लिया है. राय ने कहा, ‘विधानसभा में जो कुछ भी हुआ, क्या कोई यह बता सकता है कि राज्यसभा या लोकसभा में वैसी ही स्थिति पैदा नहीं होगी?’ हालांकि, राय ने स्पष्ट किया कि राज्य सभा और पार्टी से उनका इस्तीफा राज्य विधानसभा में हुए घटनाक्रम से अलग है, क्योंकि वहां के विधायकों ने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ‘उनके कदम और मेरे कदम के बीच कोई संबंध नहीं है. यह पूरी तरह से अलग है. मैंने पार्टी से इस्तीफा दिया है, उन्होंने नहीं. राज्य सभा में मेरा कार्यकाल 2029 में समाप्त होना था, लेकिन मैंने सैद्धांतिक तौर पर इस्तीफा दे दिया, क्योंकि मेरे लिए (पार्टी में) बने रहना मुश्किल हो गया था। 

    इधर ममता सोनिया से मिल रही, उधर पार्टी सांसदों की बगावत
    बता दें कि ममता बनर्जी INDIA ब्लॉक की मीटिंग में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंची हैं. अभिषेक बनर्जी भी दिल्ली में हैं. आज सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की गर्मजोशी से मुलाकात भी हुई। 

    लोकसभा में TMC के कुल 28 सांसद हैं, पार्टी में किसी भी तरह के संवैधानिक विभाजन के लिए कम से कम 19 सांसदों का एक गुट में आना जरूरी है. अन्यथा इस विभाजन को मान्यता नहीं मिलेगी. हां, पार्टी के सांसद इस्तीफा जरूर दे सकते हैं।  

    तृणमूल कांग्रेस न केवल लोकसभा में बल्कि राज्यसभा में भी बिखर रही है. राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद थे.  इनमें से वरिष्ठ नेता सुखेन्दु शेखर रॉय ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी भी छोड़ दी है. वहीं दूसरी ओर लोकप्रिय टॉलीवुड अभिनेत्री कोयल मल्लिक के भी पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। 

    News Desk

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