Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»देश»पाकिस्तान बॉर्डर पर बाड़ से बदली सुरक्षा तस्वीर, अब बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग क्यों जरूरी?
    देश

    पाकिस्तान बॉर्डर पर बाड़ से बदली सुरक्षा तस्वीर, अब बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग क्यों जरूरी?

    News DeskBy News DeskMay 30, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    पाकिस्तान बॉर्डर पर बाड़ से बदली सुरक्षा तस्वीर, अब बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग क्यों जरूरी?
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

      नई दिल्ली

    भारत की सुरक्षा व्यवस्था में बॉर्डर फेंसिंग एक अहम बदलाव साबित हुई है. खासकर पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा पर बाड़ लगाने के बाद घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों में काफी कमी आई है. वहीं पूर्वी सीमा यानी बांग्लादेश बॉर्डर पर अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यहां स्मार्ट फेंसिंग (Smart Fencing) लगाए बिना सुरक्षा को पूरी तरह मजबूत नहीं किया जा सकता। 

    पाकिस्तान के साथ भारत की 3323 किलोमीटर लंबी सीमा है. पहले इस सीमा पर खुली जगहों से आतंकियों और तस्करों के घुसपैठ की घटनाएं आम थीं. 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान सेक्टर में घुसपैठ के जरिए आतंकी हमले होते थे। 

    2010 के आसपास भारत सरकार ने पाकिस्तान बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) की मदद से फेंसिंग का काम तेज किया. आज ज्यादातर हिस्सों में ऊंची, मजबूत और बार्ड वायर वाली फेंसिंग लग चुकी है. इस फेंसिंग का सुरक्षा पर सकारात्मक असर साफ दिखता है. घुसपैठ की घटनाओं में भारी कमी आई है। 

    पहले जहां हर साल सैकड़ों घुसपैठ की कोशिशें होती थीं, अब उनकी संख्या बहुत कम हो गई है. फेंसिंग के साथ-साथ लाइटिंग, कैमरा और पेट्रोलिंग भी बढ़ाई गई, जिससे BSF को निगरानी रखने में आसानी हुई. खासकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सुरक्षा स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है. कुछ इलाकों में टोपोग्राफी की वजह से फेंसिंग पूरी नहीं हो पाई है, लेकिन कुल मिलाकर पाकिस्तान बॉर्डर पर फेंसिंग ने सुरक्षा को मजबूत किया है। 

    बांग्लादेश बॉर्डर पर क्यों जरूरी है फेंसिंग?
    बांग्लादेश के साथ भारत की 4096 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो दुनिया की सबसे लंबी स्थलीय सीमाओं में से एक है. यह सीमा पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर गुजरती है. यहां की जमीन ज्यादातर समतल, नदी-नालों और घने जंगलों वाली है. इस वजह से फेंसिंग लगाना मुश्किल और महंगा है. अब भी कई हिस्सों में कोई फेंसिंग नहीं है। 

    बांग्लादेश बॉर्डर पर मुख्य चुनौतियां हैं – अवैध घुसपैठ, गाय तस्करी, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की तस्करी और कभी-कभी आतंकियों का आना-जाना. चूंकि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, भाषाई और पारिवारिक संबंध हैं, इसलिए सीमा पार करना थोड़ा आसान है. यही वजह है कि सुरक्षा बलों को 24 घंटे सतर्क रहना पड़ता है. 

    स्मार्ट फेंसिंग क्यों जरूरी है?
    साधारण फेंसिंग के बजाय स्मार्ट फेंसिंग की जरूरत इसलिए पड़ी है क्योंकि बांग्लादेश बॉर्डर की भौगोलिक स्थिति अलग है. स्मार्ट फेंसिंग में सेंसर, CCTV कैमरा, इंफ्रारेड डिटेक्टर, ड्रोन निगरानी, AI आधारित मॉनिटरिंग और रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम शामिल होते हैं। 

    यह सिस्टम रात में भी काम करता है. घुसपैठ को तुरंत पकड़ लेता है और कंट्रोल रूम में अलर्ट भेजता है. इससे जवानों की जान बचती है. छोटी-छोटी घटनाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है. सरकार पहले ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ इलाकों में स्मार्ट फेंसिंग लगा चुकी है. अब इसे पूरे बॉर्डर पर फैलाने की योजना है। 

    स्मार्ट फेंसिंग पारंपरिक तार की बाड़ से काफी आगे की आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था है. इसमें साधारण फेंसिंग को सेंसर, कैमरा, AI और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ जोड़ दिया जाता है, ताकि सीमा पर कोई भी गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके. यह तकनीक खासकर लंबी और चुनौतीपूर्ण सीमाओं पर बहुत उपयोगी है। 

    स्मार्ट फेंसिंग में क्या-क्या होता है?

    फिजिकल फेंस  

        ऊंची (8-10 फीट) मजबूत स्टील की बाड़ जिसमें बार्ब्ड वायर या इलेक्ट्रिफाइड तार लगे होते हैं.
        कुछ जगहों पर डबल लेयर फेंसिंग (दो दीवारें) भी लगाई जाती है.

    सेंसर सिस्टम  

        मोशन सेंसर: कोई व्यक्ति या वस्तु पास आने पर डिटेक्ट करते हैं.
        इंफ्रारेड (IR) सेंसर: रात में भी गर्मी वाली वस्तुओं (मानव शरीर) को पकड़ते हैं.
        फाइबर ऑप्टिक सेंसर: फेंस पर कट या चढ़ाई करने पर अलर्ट.
        वाइब्रेशन सेंसर: फेंस हिलने या काटने पर सिग्नल भेजते हैं.

    कैमरा नेटवर्क  

        PTZ कैमरा (Pan-Tilt-Zoom) जो 360 डिग्री घूम सकते हैं.
        थर्मल इमेजिंग कैमरा (रात में बिना रोशनी के देख सकते हैं).
        AI आधारित कैमरा जो इंसान, जानवर या वाहन को अलग-अलग पहचान सकते हैं.
    AI और सॉफ्टवेयर  

        आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गलत अलर्ट (जैसे जानवर) को फिल्टर करता है.
        मशीन लर्निंग से सिस्टम समय के साथ और स्मार्ट होता जाता है.
        रियल-टाइम एनालिसिस करके कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजता है.

    कमांड एंड कंट्रोल सेंटर  

        सभी सेंसर और कैमरे एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़े होते हैं.
        BSF जवान 24×7 मॉनिटरिंग करते हैं.
        अलर्ट मिलते ही तुरंत रिस्पॉन्स टीम भेजी जाती है.

    अन्य टेक्नोलॉजी  

        ड्रोन पेट्रोलिंग
        सोलर पावर बैकअप
        GPS ट्रैकिंग
        मोबाइल ऐप पर अलर्ट

    भारत में स्मार्ट फेंसिंग की स्थिति
    भारत सरकार ने कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (CIBMS) के तहत स्मार्ट फेंसिंग को बढ़ावा दिया है. पाकिस्तान बॉर्डर पर पहले ही काफी हद तक फेंसिंग + स्मार्ट टेक्नोलॉजी लग चुकी है. बांग्लादेश बॉर्डर पर पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं. बांग्लादेश बॉर्डर पर स्मार्ट फेंसिंग जल्दी पूरी करने की तैयारी चल रही है। 

    फायदे

        24×7 निगरानी: रात-दिन काम करता है.
        कम मैनपावर: कम जवानों के साथ ज्यादा क्षेत्र कवर होता है.
        तेज प्रतिक्रिया: अलर्ट मिलते ही एक्शन लिया जा सकता है.
        कम घुसपैठ: तस्करी और अनधिकृत प्रवेश में भारी कमी.
        डेटा संग्रह: लंबे समय में पैटर्न विश्लेषण करके बेहतर प्लानिंग.

    चुनौतियां

        उच्च लागत: शुरुआती खर्च बहुत ज्यादा है.
        रखरखाव: नदियों, बाढ़ और जंगलों वाले इलाकों में रखरखाव मुश्किल.
        तकनीकी ट्रेनिंग: BSF जवानों को नई टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण देना पड़ता है.
        बिजली और इंटरनेट: दूर-दराज के इलाकों में बिजली और कनेक्टिविटी की समस्या.

    पाकिस्तान बॉर्डर vs बांग्लादेश बॉर्डर

    पाकिस्तान बॉर्डर पर फेंसिंग मुख्य रूप से आतंकवाद और सैन्य घुसपैठ रोकने के लिए लगाई गई. वहीं बांग्लादेश बॉर्डर पर समस्या ज्यादातर आर्थिक, सामाजिक और अपराधिक है. यहां बड़े पैमाने पर अवैध माइग्रेशन होता है, जो स्थानीय संसाधनों और कानून-व्यवस्था पर दबाव डालता है। 

    स्मार्ट फेंसिंग बांग्लादेश बॉर्डर पर इसलिए ज्यादा जरूरी है क्योंकि यहां पारंपरिक फेंसिंग लगाना मुश्किल है. नदियां, दलदल और घने जंगल फेंसिंग को नुकसान पहुंचाते हैं. स्मार्ट टेक्नोलॉजी इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है. पाकिस्तान बॉर्डर पर फेंसिंग ने दिखा दिया कि मजबूत बाड़ सुरक्षा को कितना बेहतर बना सकती है। 

    अब बांग्लादेश बॉर्डर पर स्मार्ट फेंसिंग की जरूरत है ताकि पूर्वी सीमा को भी सुरक्षित और आधुनिक बनाया जा सके. सरकार इस दिशा में काम कर रही है. अगर समय पर स्मार्ट फेंसिंग पूरी हो गई तो भारत की सीमा सुरक्षा और मजबूत होगी, जिससे देश के अंदर शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। 

    News Desk

    Related Posts

    संसद में धर्मेंद्र प्रधान का भव्य स्वागत, इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे तो NDA सांसदों ने पाग पहनाकर किया अभिनंदन

    July 27, 2026

    पीएम किसान की अगली किस्त पर बड़ा अपडेट, जानें कब खाते में आएंगे पैसे

    July 27, 2026

    IMD अलर्ट: 27 जुलाई को 10 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी

    July 27, 2026

    भारत बना वैश्विक रक्षा साझेदार, मोदी ने पिनाका और कुशा मिसाइलों की सफलता गिनाई

    July 27, 2026

    सरकार का बड़ा फैसला, न्यायिक ढांचे और ई-कोर्ट के लिए 2010 करोड़

    July 27, 2026

    पीएम मोदी ने मांगे 15 अगस्त भाषण के लिए देशवासियों से सुझाव

    July 26, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    संसद में धर्मेंद्र प्रधान का भव्य स्वागत, इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे तो NDA सांसदों ने पाग पहनाकर किया अभिनंदन

    July 27, 2026

    भोपाल में पानी की टंकी पर चढ़े युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, मांगा अमित शाह का इस्तीफा

    July 27, 2026

    श्रेयस अय्यर ने निभाई धोनी की परंपरा, जिम्बाब्वे पर सीरीज जीत के बाद इस खिलाड़ी को सौंपी ट्रॉफी

    July 27, 2026

    Stock Market Rally: विदेशी खबर से शेयर बाजार में तूफानी उछाल, खुलते ही निवेशकों की हुई चांदी

    July 27, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.