Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    CG News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    CG News
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»रेल मंत्रालय ने 10,000 इंजनों पर कवच 4.0 लगाने को मंजूरी दी
    छत्तीसगढ़

    रेल मंत्रालय ने 10,000 इंजनों पर कवच 4.0 लगाने को मंजूरी दी

    By October 1, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    रेल मंत्रालय ने 10,000 इंजनों पर कवच 4.0 लगाने को मंजूरी दी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नई दिल्ली/बिलासपुर/रायपुर

    एटीपी प्रणाली रेल परिवहन में उपयोग की जाने वाली एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उपयोग ट्रेनों को सुरक्षित गति से अधिक या खतरे में सिग्नल पास करने से रोकने के लिए किया जाता है। यह स्वचालित रूप से ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यदि आवश्यक हो तो ब्रेक लगा सकता है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी नागपुर से झारसुगुडा मेन लाइन पर कवच की तैनाती के लिए कार्य शुरू किए गए है ।

    ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (एटीपी)
    एटीपी प्रणाली आधुनिक रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो मानवीय त्रुटि के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करता है।

    पूरे विश्व में तैनाती
    अमेरिका में पॉजिटिव ट्रेन कंट्रोल (पीटीसी) शुरूआत 1980 में हुई और लगभग 30 साल बाद 2010 में इसके तैनाती के लिए नियम बनाए गए। यूरोप में यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) पर काम 1989 में शुरू हुआ था। और इसका पहला एमओयू 16 साल बाद 2005 में साइन हुआ।
    भारत में मुंबई सबरबन में 1986 में आॅक्जिलरी वार्निंग सिस्टम (एडब्ल्यूएस) लगाया गया था। दिल्ली आगरा चेन्नई और कोलकाता मेट्रो में ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम लगाया गया। नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे में में 1,736 रूट किलोमीटर पर एंटी कोलाइजन डिवाइस का पायलट प्रोजेक्ट जुलाई 2006 में शुरू हुआ। इन सभी सिस्टम्स में कई आॅपरेशनल और टेक्निकल समस्याएं थी  फरवरी 2012 में, काकोदर कमेटी ने रिकमेंड किया कि भारतीय रेलवे को अत्याधुनिक, डिजिटल रेडियो बेस्ड सिग्नलिंग और प्रोटेक्शन सिस्टम का लक्ष्य रखना चाहिए, जो कम से कम श्वञ्जष्टस् रु-2 की कार्यक्षमता के बराबर हो और पूरे भारतीय रेलवे में तैनात हो। ऐसे में एक वैकल्पिक, रेडियो बेस्ड ट्रेन कोलाइजन अवॉयडेंस सिस्टम ' कवचझ् के विकास की परिकल्पना एक स्वदेशी, मल्टी वेंडर, फेल सेफ सिस्टम के रूप में की गई थी।

    कवच का डिप्लॉयमेंट
    2014-15: दक्षिण मध्य रेलवे पर 250 रूट किलोमीटर के पायलट प्रोजेक्ट सिस्टम पर इंस्टॉलेशन 7
    2015-16: यात्री ट्रेनों पर पहला फील्ड परीक्षण।
    2017-18: कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 3.2 को अंतिम रूप दिया गया।
    2018-19: ढ्ढस््र के आधार पर आरडीएसओ ने तीन कंपनियां अप्रूव करीं।
    जुलाई 2020 में "कवच" को राष्ट्रीय एटीपी घोषित किया गया।
    मार्च 2022 तक: कवच को एक एक्सटेंडेड सेक्शन के रूप में 1200 रूट किलोमीटर पर स्थापित किया जाएगा।
    मार्च 2022 में विभिन्न यूज केसेस और स्टेकहोल्डर की प्रतिक्रिया के आधार पर कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 4.0 का विकास करने का निर्णय लिया गया। 16.07.24 को कवच वर्जन 4.0 स्पेसिफिकेशन स्वीकृत एवं जारी किए गये। भारतीय रेलवे पर मिक्सड ट्रैफिक स्पीड डिफरेंशियल, लोको की विविधता, कोचिंग और वैगन स्टॉक की विभिन्न चुनौतियों के बावजूद दस साल से कम समय में यह किया गया।

    कवच कार्य की वर्तमान स्थिति
    दक्षिण मध्य रेलवे पर वर्जन 3.2 के साथ 1,465 रूट किलोमीटर पर डिप्लॉय किया गया है।
    दिल्ली झ्र मुंबई और दिल्ली झ्र हावड़ा सेक्शन (93,000 रूट किलोमीटर) पर कार्य प्रगति पर है।
    मथुरा-पलवल सेक्शन: 160 कि .मी./घंटे पर परीक्षण और सर्टिफिकेशन चल रहा है।
    बोलियां (टेंडर)आमंत्रित की जा रही हैं
    महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक सेक्शन पर (9 5,000 रूट किलोमीटर)

    आगामी योजना
    भारतीय रेलवे पर चरणबद्ध तैनाती

    फेस।
    अगले 4 वर्षों में सभी लोकोमोटिव में कवच।आर एफ आई डी के माध्यम से सीमित ब्लॉक सेक्शन पर कवच सुरक्षा
     फेस ।।
    स्टेशन एवं यार्ड कवच इक्यूपमेंट का प्रावधान। पूर्ण कमीशनिंग

    कवच मुख्य विशेषताएं
    यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेक लगता है। कैब में लाइन साइड सिग्नल को दोहराता है। मूवमेंट अथॉरिटी का रेडियो आधारित निरंतर अपडेट करता है। लेवल क्रासिंग गेटों पर आॅटो सीटी बजाता है। डायरेक्ट लोको से लोको संचार द्वारा टकराव से बचाव ।
    कवच के मुख्य अवयव: कवच एक अत्यंत टेक्नोलॉजी इंटेंसिव सिस्टम है, और इसमें निम्न चीजें शामिल हैं:

    स्टेशन कवच
    लोको कवच सिग्नलिंग सिस्टम से जानकारी प्राप्त करता है और लोकोमोटिव का मार्गदर्शन करता है। ट्रेन का लोकेशन और डायरेक्शन निर्धारित करने के लिए इसे 1किलोमीटर की दूरी पर पटरियों पर और प्रत्येक सिग्नल पर स्थापित किया गया है। लोको और स्टेशन के बीच सूचना के आदान-प्रदान के लिए ट्रैक के किनारे टावर और ओ एफ सी।  ब्रेकिंग सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड स्टेशन कवच के साथ संचार करता है और यदि ड्राइवर ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेकिंग लागू करता है। स्टेशन कवच सिग्नलिंग इनपुट और लोको इनपुट इकट्ठा करता है और मूवमेंट अथॉरिटी को लोको कवच तक पहुंचाता है। रेडियो- लोकोमोटिव के साथ संचार के लिए।

    Related Posts

    महलोई गांव में 104 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना से 205 महिलाओं को मिल रहा लाभ: वित्त मंत्री ओपी चौधरी…

    August 8, 2026

    उदंती-सीतानदी में शुरू हुआ स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम -एआई तकनीक से वन और वन्यजीवों की 24X7 निगरानी….

    August 8, 2026

    ’देवलसुर्रा में विकास कार्यों को मिली नई गति, आंगनबाड़ी भवन और सांस्कृतिक मंच का हुआ भूमिपूजन’: वित्त मंत्री ओपी चौधरी….

    August 8, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गांवों के विकास और गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता: वित्त मंत्री ओपी चौधरी….

    August 8, 2026

    पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहल- रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का शुभारंभ…

    August 8, 2026

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पौधारोपण, बोले हरियाली बढ़ेगी तो पर्यावरण भी स्वस्थ और सुंदर बनेगा….

    August 8, 2026
    GAM
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    ईरान की दो टूक- अमेरिका ने शर्तें नहीं मानीं तो नहीं खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य

    August 9, 2026

    सुनेत्रा पवार-प्रशांत किशोर की मुलाकात पर बोलीं सुप्रिया सुले, ‘यह उनका अंदरूनी मामला’

    August 9, 2026

    PM मोदी और JD वेंस की अहम बातचीत, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा

    August 9, 2026

    भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, BSF की गोली से बांग्लादेशी नागरिक की मौत का दावा

    August 9, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Owner - Rakhi Roy
    Editor - Rahul Shende
    Mobile - 7089782411
    Email - cgnewsllive24@gmail.com
    Office - F 188, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Chhattisgarh
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.